पंजाब में क्रशर-ओनर माइनिंग साइट्स शुरू, मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा- गैरकानूनी खनन पर लगेगा अंकुश

by Manu
बरिंदर कुमार गोयल

चंडीगढ़, 27 फरवरी 2026: पंजाब सरकार ने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और नियमित खनन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक और निर्णायक कदम उठाया है। खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज पठानकोट जिले में क्रशर-ओनर माइनिंग साइट्स (सीआरएमएस) की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि यह पहल बाजार में रेत और अन्य लघु खनिजों की प्रचुर उपलब्धता सुनिश्चित करेगी और गैरकानूनी खनन पर प्रभावी अंकुश लगाएगी।

इस मौके पर क्रशर मालिकों भूमि मालिकों और वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में दो क्रशर-ओनर माइनिंग साइट्स के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इन साइटों से कुल 4.46 हेक्टेयर क्षेत्र कवर होगा। मंत्री ने बताया कि इन समझौतों के साथ विभाग ने एक सुव्यवस्थित ढांचा लागू किया है। इसके तहत स्वीकृत खनन योजनाओं और पर्यावरणीय सुरक्षा मानकों के अनुसार पंजीकृत क्रशर इकाइयां सीधे खनन गतिविधियों से जुड़ेंगी।

बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार राज्यवासियों को किफायती दरों पर रेत और अन्य खनिज उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। क्रशर-ओनर माइनिंग साइट्स और लैंड-ओनर माइनिंग साइट्स के संचालन से लघु खनिजों की कानूनी आपूर्ति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे बाजार में कीमतें स्थिर और उचित बनी रहेंगी।

मंत्री ने नई खनन नीति के तहत की गई प्रगति का विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि राज्यभर से क्रशर-ओनर माइनिंग साइट्स के लिए 138 आवेदन और लैंड-ओनर माइनिंग साइट्स के लिए 25 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 305.59 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाली 44 साइट्स की जिला सर्वेक्षण रिपोर्टें स्वीकृत हो चुकी हैं। 79.74 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाली 14 साइट्स को पर्यावरणीय स्वीकृति मिल चुकी है।

उन्होंने कहा कि सभी 44 स्वीकृत साइट्स को 31 मार्च 2026 तक अंतिम अनुमति मिलने की उम्मीद है। इसके बाद इन साइट्स पर चरणबद्ध तरीके से कार्य शुरू हो जाएगा। शेष 119 साइट्स पर भी इसी वर्ष के भीतर सभी कानूनी स्वीकृतियां और पर्यावरणीय मंजूरियां पूरी होने के बाद काम शुरू किया जाएगा।

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