अमृतसर, 27 सितंबर 2025: किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के कद्दावर नेता सरवन सिंह पंधेर ने 26 सितंबर को अमृतसर में केंद्र और पंजाब सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने पराली जलाने के प्रदूषण मुद्दे पर दोनों सरकारों पर ठोस कदम न उठाने का गंभीर आरोप लगाया। पंधेर ने जालंधर के किसान राजकुमार की पराली जलाने के नाम पर हुई गिरफ्तारी को बिल्कुल गलत बताते हुए चेतावनी दी कि अगर राजकुमार को फौरन रिहा नहीं किया गया, तो पंजाब भर में जोरदार आंदोलन की शुरुआत हो जाएगी।
पंधेर ने कहा कि सरकार ने पराली का स्थायी समाधान निकालने की बजाय किसानों को ही बदनाम कर रही है। दी गई मशीनें अब खराब पड़ी पड़ी सड़ रही हैं, और कर्ज के बोझ तले दबे किसानों पर फिर भी 30 हजार तक का भारी जुर्माना ठोंका जा रहा है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि प्रदूषण में उद्योगों का हिस्सा 51 फीसदी और वाहनों का 25 फीसदी है, जबकि पराली से सिर्फ 8 फीसदी ही होता है। फिर भी सारा गुस्सा किसानों पर ही उतारा जा रहा है।
नेता ने भगवंत मान सरकार पर भी निशाना साधा कि वो कार्पोरेट दबाव में आकर काम कर रही है। औद्योगिक प्रदूषण पर तो सजा को महज जुर्माने तक सीमित कर दिया गया, लेकिन किसानों के खिलाफ सख्त कानूनी धाराएं चला दी गईं।
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