पितृपक्ष मेला के 14वें दिन वैतरणी तर्पण, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गया में पूर्वजों का पिंडदान किया

by Manu
द्रौपदी मुर्मू

गया, 20 सितंबर 2025: विश्वविख्यात पितृपक्ष मेला अपने चरम पर पहुंच गया है। आज 14वें दिन वैतरणी सरोवर पर स्नान-तर्पण का विशेष महत्व है। मान्यता के अनुसार, इस दिन गंगा के इस पवित्र घाट पर तर्पण और गौदान करने से पिंडदानी के 21 कुलों का उद्धार हो जाता है। फलकपुर धाम में लाखों श्रद्धालु जुटे हुए हैं, जहां श्राद्ध कर्मों की रौनक देखने लायक है। मेला 21 सितंबर को समापन की ओर बढ़ रहा है, लेकिन वैतरणी वेदी का यह दिन तो जैसे पितरों की विशेष पुकार बन गया है।

इसी पावन अवसर पर देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रविवार को गया पहुंचीं। उन्होंने विष्णुपद मंदिर के परिसर में विधि-विधान से अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना की। गर्भगृह में प्रवेश कर राष्ट्रपति ने पूजा-अर्चना की, और पंडितों के मार्गदर्शन में पिंडदान का संस्कार पूरा किया। यह दृश्य न सिर्फ धार्मिक महत्व का था, बल्कि राष्ट्रपति के व्यक्तिगत भावनाओं से जुड़ा होने से और भी मार्मिक लग रहा था।

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