कानपुर, 8 जून 2025: कानपुर के राणा प्रताप नगर में डॉ. राकेश सिंह का मकान है। पिछले चार महीने से उन्नाव के बांगरमऊ निवासी सूरज कुशवाहा अपनी पत्नी रोशनी और दो बेटों, कृष्णा (3 वर्ष) और सितांश (2 वर्ष) के साथ किराए पर रह रहे थे। सूरज ने बताया कि शुक्रवार रात को सब कुछ सामान्य था। उसकी पत्नी रोशनी ने उसे 100 रुपये देकर बाजार से सामान लाने के लिए भेजा था।
पति घर लौटा तो अंदर से बंद था दरवाजा
सामान लेने के बाद सूरज एक घंटे बाद घर लौटा तो उसने देखा की कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। उसने कई बार दरवाजा खटखटाया लेकिन उसकी पत्नी ने दरवाजा नहीं खोला और न ही अंदर से कोई जवाब आया। सूरज को कमरे के अंदर से अपने बच्चों के रोने की आवाज आने लगी , तो उसे घबराहट होने लगी। उसने बच्चों को आवाज लगाई और उन्हें किसी तरह दरवाजा खोलने के लिए कहा।
तीन साल के बच्चे ने इस तरह खोला दरवाजा
सूरज के कहने पर बच्चे दरवाजा खोलने का प्रयास करने लगे। तीन साल के कृष्णा ने कमरे में रखे बर्त्तनों को एक के ऊपर एक रखा। इसके बाद उन बर्तनों पर चढ़ कर दरवाजे की कुंडी तक पहुंचा और उसने दरवाजा खोल दिया।
फंदे से लटकी मिली पत्नी रोशनी
जब दरवाजा खुला तब सूरज की आँखे खुली की खुली रह गई। उसने देखा की उसकी पत्नी रोशनी पंखे से लटक रहा थी। और उसके दोनों बच्चे जोर जोर से रो रहे थे। सूरज ने तुरंत घटना की जानकारी पुलिस को दी। महिला के शव को पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है।
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