पटियाला, 29 मार्च : सैफी जत्थेबंदी की तरफ से किसानी संघर्ष के हक में आज पंजाब सरकार का पुतला फूँक कर जोरदार नारेबाजी की गई। नेताओं ने बताया कि किसानी मांगों और एमएसपी को ले कर 13 फरवरी से दिल्ली कूच के लिए किसान खनौरी और शंभू बार्डर पर बैठे थे और किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल 26 नवंबर से खनौरी बार्डर पर मरन व्रत पर बैठे थे परन्तु पिछले दिनों सरकार की तरफ से उन को जबरन उठा दिया गया था जिस के रोष के तौर पर आज पंजाब सरकार विरुद्ध प्रदर्शन किया गया। इस मौके बातचीत करते सैफी की कालेज इकाई के प्रधान जस मान ने कहा केंद्र सरकार और पंजाब के किसानों प्रति रवैया शंभू बार्डर पर देखा जा सकता है, किसानों को पहले शांतिमई तरीके के साथ दिल्ली नहीं जाने दिया गया। उनके साथ दुश्मनों वाला व्यवहार करते आंसू गैस के गोले फेंके गए और गोलियां मारी गई। अब पंजाब सरकार की तरफ से शंभू और खनौरी में चल रहे किसानी संघर्ष को जबरन उठा किसानों को जेलों में बंद कर दिया गया है। जोबन चाहल ने कहा कि सैफी पहले दिन से किसानी संघर्ष में शामिल है।
सरकार को जल्द हल निकालना चाहिए
उन्होंने कहा कि सैफी जत्थेबंदी के सरप्रस्त पुशपिन्दर सिंह ताऊ की खौनरी बार्डर पर किसानी संघर्ष में आंख भी नुकसानी गई और हरियाणा पुलिस की तरफ से हुए फायर का शरला आज भी आंख में मौजूद है। यादविन्दर सिंह ने कहा कि पंजाब और केंद्र का रिश्ता सुखदाई बनाऐ रखने के लिए सरकार को जल्दी से जल्दी किसानों की मांगों का सार्थक हल निकालना चाहिए। इस मौके जगदीप पंजोला, अनमोल, शेरू रंधावा, कुलविन्दर मोफर, बिंदु चाहल, मनप्रीत संधू, बिकी पूनिया, गगू रतीया आदि उपस्थित थे।