पटियाला, 22 मार्च : पंजाबी यूनिवर्सिटी की गुरमति संगीत चेयर द्वारा करवाया गया तीन दिवसीय 11वां रबाबी भाई मर्दाना शास्त्री संगीत सम्मेलन सम्पन्न हो गया है। सम्मेलन का शिखर बैंगलोर से पहुंचे पटियाला घराने के फनकार पंडित इमन दास द्वारा किए शास्त्री गायन के साथ हुई। उन्होंने अलग- अलग रागों की शानदार बंदिशें गाकर रंग बांधा। इससे पहले दिन की शुरूआत गुरप्रीत ङ्क्षसह द्वारा किए गए दिलरुबा वादन के साथ हुई, जिनके साथ नरिंदर पाल ङ्क्षसह द्वारा तबले पर जुगलबंदी की गई। सम्मेलन का आखिरी दिन उदस्ताद सोहन ङ्क्षसह सिम्रती समारोह को समर्पित रहा। चंडीगढ़ से पहुंची पटियाला घराने की प्रसिद्ध शास्त्री गायका और समायोजक श्रीमति प्रिमिला पुरी को पदमश्री उस्ताद सोहन ङ्क्षसह सिम्रती अवार्ड प्रदान किया गया। तीसरे दिन मुख्य मेहमान के तौर पर शामिल हुए ए.डी.जी.पी. ट्रैफिक पंजाब ए.एस. राए ( आई.पी.एस.) की तरफ से इस मौके संबोधन करते कहा कि संगीत रूह की खुराक है। उन्होंने कहा कि अब जब समाज में हर कोई व्यक्ति स्वै- केंद्रित होता जा रहा है तो संगीत एक ऐसी शह है जो व्यक्तियों को आपस में जोड़ सकने के समर्थ है। सिर्फ आपस में ही नहीं बल्कि संगीत हमें अपने आप के साथ भी जोड़ता है। विशेष मेहमान के तौर पर शामिल हुए अग्रवाल अस्पताल से डा. शैलेश अग्रवाल ने इस मौके बोलते पंजाबी यूनिवर्सिटी के इस कदम की प्रशंसा की कि शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में इस तरह के सम्मेलन का आयोजन करवाना बहुत प्रशंसनीय कदम है। सम्मानित फनकार प्रिमिला पुरी की तरफ से इस मौके अपनी यादें सांझी करते संगीत क्षेत्र के बहुत से नुक्ते सांझे किये गए। प्रो. निवेदिता सिंह की तरफ से सिम्रतियोंं के झरोखे मेंसे सिरलेख के तहत उस्ताद सोहन ङ्क्षसह की शख्सीयत और शास्त्री संगीत क्षेत्र मेें उनके योगदान बारे हवाले के साथ बहुत सारी यादें सांझी की गई।
पंजाबी यूनिवर्सिटी में रबाबी भाई मर्दाना शास्त्री संगीत सम्मेलन सम्पन्न
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