पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की अंतरिम जमानत बढ़ाने की याचिका पर कोर्ट ने किया इंकार
कहा, सेंगर पहले आत्मसमर्पण करें फिर करेंंगे विचार
नई दिल्ली, 17 जनवरी : उन्नाव में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की चिंताओं में लगातार वृद्धि होती जा रही है। अब कोर्ट ने दुष्कर्म मामले में दोषी करार दिए गए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की अंतरिम जमानत बढ़ाने से दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि पहले आप (सेंगर) आत्मसमर्पण करें, उसके बाद ताजा आवेदन पर विचार किया जाएगा। चिकित्सा आधार पर 20 दिसंबर को दी गई अंतरिम जमानत को बढ़ाने की मांग को लेकर आवेदन दायर किया था। सेंगर ने कहा था कि 24 जनवरी को उनका मोतियाबिंद का ऑपरेशन होना है। सेंगर को उन्नाव में नाबालिग लडक़ी से दुष्कर्म के मामले में ट्रायल कोर्ट दोषी करार दे चुकी है।
पीडि़ता के पिता की हो चुकी है मौत
बता दें कि बलात्कार मामले में निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली उसकी अपील उच्च न्यायालय में लंबित है। उसने बलात्कार मामले में उसे दोषी ठहराने वाले 16 दिसंबर, 2019 के निचली अदालत के फैसले को रद्द करने और बलात्कार मामले में सजा के आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया है। निचली अदालत ने 13 मार्च 2020 को सेंगर को बलात्कार पीडि़ता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। साथ ही 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। निचली अदालत ने कहा कि परिवार के एकमात्र कमाने वाले की हत्या के लिए कोई नरमी नहीं दिखाई जा सकती। लडक़ी के पिता को सेंगर के कथित इशारे पर शस्त्र अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था और 9 अप्रैल 2018 को पुलिस की बर्बरता के कारण हिरासत में उनकी मौत हो गई थी।
पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की अंतरिम जमानत बढ़ाने की याचिका पर कोर्ट ने किया इंकार
कहा, सेंगर पहले आत्मसमर्पण करें फिर करेंंगे विचार
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