पटियाला म्यूजिक फेस्टिवल
रोंकिनी की सुरीली अवाज ने मोहा श्रोताओं का मन बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी बने इस कार्यक्रम का हिस्सा
पटियाला : पटियाला घराने की समृद्ध संगीत परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित म्यूजिक फेस्टिवल के तीसरे दिन संगीत प्रेमियों का दिल रोंकिनी की सुरीली आवाज ने जीत लिया। रोंकिनी की आवाज ने आत्मा को छू लिया। पिछले साल नॉर्थ ज़ोन कल्चर सेंटर (एनजेडसीसी), पटियाला द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य पटियाला घराने की समृद्ध संगीत परंपरा को आगे बढ़ाना है, हमें शास्त्रीय संगीत के संस्थापकों से विरासत में मिली है। इस वार्षिक आयोजन में देश के शीर्ष संगीतकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। संगीत से सराबोर इस शाम ने दर्शकों के लिए एक दिव्य अनुभव का रूप ले लिया, जब प्रसिद्ध गायिका और प्लेबैक सिंगर रोंकिनी गुप्ता ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। उन्होंने राग बिहाग विलंबित एकताल “कैसे सुख सोएं…”, द्रुत ख़याल “पंगतवा रोके सांवरा श्याम…” से शुरुआत की। इसके बाद राग जोग मध्य लय “मोरा झनझरवा…”, रूपक “नवेली नार…” और द्रुत एकताल में अपनी मूल बंदिशों का प्रदर्शन किया।
उन्होंने राग झिंझोटी में “सांवरे सलोने से लागे मोरे नैन…” तीनताल में गाया । इसके बाद उन्होंने राग यमन में ताराना और फिर अपनी मूल बंदिश तडरे दानी दीम… प्रस्तुत की, जिसे दर्शकों ने तालियों की गूंज के साथ सराहा । इसके बाद दरभंगा घराने के प्रतिष्ठित ध्रुपद गायक पंडित उदय कुमार मलिक ने मंच संभाला। उन्होंने चारों दर्जा का आलाप से शुरुआत की और राग अभोगी कन्हड़ा (ताल धमार, 14 मात्रा) “लाल अब भयो है, निपट खेलड़…” प्रस्तुत किया। उन्होंने राग अदाना (सूल ताल, 10 मात्रा) “रात मुन जागत जननी को…” से अपनी प्रस्तुति का समापन किया। उनके साथ पखावज पर महिमा उपाध्याय और सरंगी पर सुब्हान अली ने संगत की। यह फेस्टिवल 22 दिसंबर को संपन्न होगा, जहां प्रख्यात सितार वादक अनुपमा भगवत सुबह 10:30 बजे अपनी अद्भुत सितार प्रस्तुति से समापन सत्र को संगीतमय बनाएंगी।