7 दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य समारोह का दूसरा दिन
दिल्ली के कलाकारों ने प्रस्तुत किया “बूढ़ा मर गया “नाटक
पटियाला,8 नवंबर : कलाकृति पटियाला और एस डी वी सी टी पटियाला ने उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के सहयोग से राष्ट्रीय नाट्य समारोह के दूसरे दिन कालिदास ऑडिटोरियम,विरसा विहार केंद्र में मंच आप सब का ग्रुप दिल्ली के कलाकारों ने बहुत ही हास्य भरपूर नाटक “बूढ़ा मर गया” की सफल प्रस्तुति से दर्शकों को खूब हंसाया। यह नाटक मनोज मित्र द्वारा रचित था। बंगाली कॉमेडी को हिंदी मे सांत्वना निगम ने अनुवादित किया था और दिनेश अहलावत द्वारा निर्देशित किया गया था बुड्ढा मर गया एक हास्य नाटक है। इसमें एक बूढ़े व्यक्ति को दिखाया गया है कि वह अपने बगीचे की रखवाली कैसे करता है! जमीदार का पिता छकोरी जो अब भूत बन चुका है लेकिन फिर भी उस बगीचे का लालच नहीं छोड़ पाया। इसलिए पिछले 30 सालों से वह एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर जा रहा है लेकिन अफसोस……….. अब उस बूढ़े बांछा का एक पोता है जो उसके साथ रहता है। पोते की शादी हो जाती है और दोनों इस बात की रणनीति बनाते हैं कि कैसे उस बूढ़े को लंबे समय तक जीवित रखा जाए ताकि बगीचे का खेत उनके पास रहे। दूसरी तरफ जमीदार और उसके परिवार की भी उस बगीचे के खेत पर नजर है यह नाटक उनके इर्द-गिर्द घूमता है और अंततः कौन जीतेगा? बूढ़ा आदमी या जमीदार? समारोह मे मुख्य अतिथि के पैनल मे डॉ धर्मवीर गांधी, मैंबर पार्लियामेंट, दीपक कंपानी, प्रेसिडेंट आर जी एम सी और अक्षय गोपाल और उनकी पत्नी माला अक्षय एम डी,होटल फ्लाईओवर क्लासिक थे।
7 दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य समारोह का दूसरा दिन
दिल्ली के कलाकारों ने प्रस्तुत किया "बूढ़ा मर गया "नाटक
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