लखनऊ, 04 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश सरकार मदरसों में कामिल (ग्रेजुएशन) और फाजिल (पोस्ट ग्रेजुएशन) की डिग्री देने पर रोक लगाने जा रही है। अब यहां सिर्फ 12वीं तक ही पढ़ाई होगी। सरकार का कहना है कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार लिया जा रहा है। इस संबंध में मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम 2004 में संशोधन का प्रस्ताव मंगलवार को होने वाली योगी कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा।
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बताया कि मदरसों से पहले दी गई कामिल और फाजिल की डिग्री को भी रद्द किया जाएगा।
अल्पसंख्यक विभाग के अधिकारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 5 नवंबर 2024 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को पलट दिया था, जिसमें मदरसा अधिनियम को असंवैधानिक घोषित किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट अंजुम कादरी और अन्य बनाम भारत सरकार केस में सुनवाई कर रहा था। उस वक्त सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम 2004 की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि मदरसा बोर्ड का कानून सही है, लेकिन मदरसे यूजीसी के नियमों के बाहर की औपचारिक उच्च शिक्षा यानी कामिल और फाजिल की डिग्री नहीं दे सकते।
बैठक मंगलवार सुबह 9:30 बजे मुख्यमंत्री आवास पर होगी। सोमवार शाम करीब 8 बजे मुख्य सचिव एसपी गोयल ने एजेंडा जारी किया। इसमें 21 प्रस्ताव शामिल हैं। बैठक में कुछ और प्रस्ताव भी शामिल किए जा सकते हैं।
इस दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए करीब 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट प्रस्ताव भी पेश किया जाएगा।
ये भी देखे: यूपी सरकार ग्रेजुएशन पास करने वाली टॉप छात्राओं को देगी स्कूटी