चंडीगढ़, 29 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की। 1997 बैच के सीनियर PCS अधिकारी हरीश चंद्र को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। नोएडा प्राधिकरण में तैनाती के दौरान लगभग 4000 करोड़ रुपये के लीजबैक भूखंड आवंटन घोटाले से जुड़ा मामला है। PCS अधिकारी हरीश चंद्र के खिलाफ निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद यूपी सरकार के नियुक्ति विभाग ने उनकी बर्खास्तगी के आदेश जारी किए। अधिकारी के खिलाफ नियमों के विपरीत लीज बैक कराने का आरोप था।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ी कार्रवाई की। राज्य के सबसे वरिष्ठ 1997 बैच के PCS अधिकारी हरीश चंद्र को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया। पद से बर्खास्तगी से पहले हरीश चंद्र कोलकाता में उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग के स्थानिक प्रतिनिधि के पद पर तैनात थे।
यह पूरा मामला साल 2011 का है। तब हरीश चंद्र नोएडा विकास प्राधिकरण में सचिव पद पर तैनात थे। उनके खिलाफ की गई जांच में पाया गया कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान नियम-कानूनों को ताक पर रखकर बड़ा फर्जीवाड़ा किया। सेक्टर 140 ए 141 142 और 143 के तहत आने वाली लगभग 3 लाख 81 हजार 527 वर्ग मीटर अधिग्रहित भूमि को गलत तरीके से लीजबैक किया। लीजबैक का नियम सिर्फ स्थानीय पात्र किसानों के लिए था। प्रति परिवार अधिकतम 450 वर्ग मीटर का प्रावधान था।