नोएडा, 25 सितंबर 2026: यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने से नौ लोगों की मौत हुई। यह कोई संयोग नहीं बल्कि यातायात नियमों की अनदेखी का नतीजा है। आल इंडिया परमिट वाली बस का मालिक राजकुमार काफी शातिर निकला। उसने कठिन नियमों से बचने के लिए बस का पंजीकरण राज कल्पना ट्रैवल्स नाम से बिहार के मधुबनी में कराया। संचालन छतरपुर मध्यप्रदेश से दिखाया। वर्तमान में बस दिल्ली से मोहबा के बीच चल रही थी। फिटनेस राजस्थान से और प्रदूषण प्रमाण पत्र हरियाणा से बनवाया।
आरसी में बस का रंग काला दर्ज है। लेकिन वर्तमान में बस का रंग सफेद पीला और लाल कर रखा था। बस की ऊंचाई नियमानुसार चार फीट ज्यादा मिली। इस आधार पर बस को सीज और ब्लैकलिस्ट किया जा सकता था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बस सड़क पर दौड़ती रही। विभागीय अधिकारियों ने बस की न तो जांच की और न ही उसे सीज किया। नतीजन यह घटना हो गई।
चालक और परिचालक भी प्रशिक्षित नहीं थे। हादसे से चंद मिनट पहले एक यात्री सुनील ने बदबू आने की शिकायत की थी। उसको भी अनसुना किया गया। जनवरी में कम उम्र के चालक से बस चलाने पर दिल्ली में चालान हुआ था। अप्रैल 2023 से अब तक परमिट ओवरस्पीड आदि के 61 चालान हो चुके हैं। इनकी राशि 2.65 लाख रुपये है। अभी 1.75 लाख रुपये के 19 चालान बकाया हैं।
बस को सीज करने के लिए वैकल्पिक वाहन न होने की बात कहकर कार्रवाई नहीं की गई। गाजियाबाद संभाग के आरटीओ डॉक्टर सियाराम वर्मा ने कहा कि नियम उल्लंघन होने पर वाहन सीज करने का प्रावधान है।
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