गया में पितृपक्ष मेले से पहले हाई अलर्ट, CCTV-ड्रोन से निगरानी और अस्थायी थाना तैयार
गया, 24 सितंबर 2026। बिहार के गया में 25 सितंबर से शुरू होने वाले पितृपक्ष मेले को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विष्णुपद मंदिर और पिंडदान से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल, CCTV और ड्रोन निगरानी की व्यवस्था की गई है।
विष्णुपद मंदिर क्षेत्र में अस्थायी थाना
पितृपक्ष मेला शुरू होने से पहले विष्णुपद मंदिर परिसर में एक अस्थायी थाना भी खोला गया है। यहां 11 पुलिस पदाधिकारियों और 60 जवानों की तैनाती की गई है। इनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
पुलिस की ओर से मंदिर परिसर और आसपास की पिंड वेदियों में 24 घंटे गश्त की व्यवस्था की गई है। प्रवेश द्वार पर श्रद्धालुओं की जांच के लिए हैंड मेटल डिटेक्टर, बैगेज स्कैनर और अन्य सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
CCTV और ड्रोन से भीड़ पर नजर
मेले के दौरान भीड़ की निगरानी के लिए CCTV कैमरों और ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। गया जंक्शन के बाहरी परिसर में भी अतिरिक्त CCTV लगाए जा रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक स्टेशन क्षेत्र में 94 कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की जा रही है।
प्रशासन ने मेला क्षेत्र को अलग-अलग सुपर जोन, जोन और सेक्टर में बांटकर अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। इसका उद्देश्य भीड़ के दबाव वाले स्थानों पर तत्काल निगरानी और प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।
भगदड़ रोकने और यातायात व्यवस्था पर जोर
पितृपक्ष मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के कारण प्रशासन का विशेष फोकस भीड़ प्रबंधन पर है। प्रमुख तालाबों और घाटों पर बैरिकेडिंग तथा साइन बोर्ड लगाए गए हैं। विष्णुपद मंदिर और देवघाट के आसपास संकरे रास्तों और भीड़ के दबाव वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस एवं प्रशासनिक टीमें तैनात की गई हैं।
इसके अलावा श्रद्धालुओं के ठहरने, पेयजल, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं, पार्किंग और यातायात व्यवस्था पर भी निगरानी रखी जा रही है।
25 सितंबर से शुरू होंगे प्रमुख अनुष्ठान
पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर तक चलेगा। 25 सितंबर को गोदावरी तालाब में तर्पण के साथ प्रमुख धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत होगी।
गया आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने अस्थायी आवास, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा और सहायता केंद्रों की व्यवस्था की है। मेले के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासनिक टीमें तैनात रहेंगी।
पितृपक्ष के दौरान गया में होने वाले पिंडदान और तर्पण को देखते हुए अगले कुछ दिनों में शहर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में प्रशासन की तैयारियों का मुख्य फोकस सुरक्षित भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा पर रहेगा।
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