नई दिल्ली, 08 मई 2025: सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति में देरी और लंबित मामलों की भारी संख्या पर गहरी चिंता जताई है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को कॉलेजियम की सिफारिशों पर त्वरित कार्रवाई कर हाईकोर्ट जजों की नियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि देशभर के उच्च न्यायालयों में 7,24,192 आपराधिक अपीलें लंबित हैं, जिनमें से अकेले इलाहाबाद हाईकोर्ट में 2.7 लाख मामले हैं। यह स्थिति न्यायिक प्रणाली पर भारी दबाव को दर्शाती है।
कॉलेजियम की सिफारिशों के संबंध में, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जानकारी दी कि 9 नवंबर 2022 से 10 नवंबर 2024 तक हाईकोर्ट जजों की नियुक्ति के लिए 330 नामों की सिफारिश की गई, जिनमें से केंद्र ने 170 को मंजूरी दी, जबकि 17 नाम अभी भी लंबित हैं। इसके बाद, 11 नवंबर 2024 से 5 मई 2025 तक 103 उम्मीदवारों के नाम सुझाए गए, जिनमें से केवल 51 को मंजूरी मिली और 12 नाम केंद्र के पास लंबित हैं। कुल मिलाकर, 9 नवंबर 2022 से 5 मई 2025 तक कॉलेजियम ने 221 नामों का अनुमोदन किया, जिनमें से 29 अभी भी केंद्र की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से लंबित सिफारिशों पर जल्द निर्णय लेने को कहा है, क्योंकि देरी से न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
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