चंडीगढ़, 06 अक्टूबर 2026: पंजाब के कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने सोमवार को कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी और उसके हाईकमान के फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी ने पंजाब में अपने कार्यकर्ताओं की भावनाओं की अनदेखी करके विभिन्न गुटों के बीच समझौतों पर आधारित नेतृत्व थोपा है। इससे जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ता निराश हैं और उनका पार्टी नेतृत्व से मोहभंग हो रहा है।
यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अमन अरोड़ा ने अपनी ओर से और आम आदमी पार्टी की ओर से पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह को शुभकामनाएं दीं। परगट सिंह को अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी, ओलंपियन, पूर्व पुलिस अधिकारी और तीन बार के विधायक बताते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि खेल के मैदान में टीम का नेतृत्व करने का अनुभव रखने वाले व्यक्ति को अब पंजाब में कांग्रेस का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उन्होंने कहा, “परगट सिंह ने हॉकी के मैदान में टीम का नेतृत्व किया है और अब उन्हें पंजाब में कांग्रेस का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी गई है। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। हालांकि, उनकी नियुक्ति के बाद के घटनाक्रम कांग्रेस की आंतरिक अस्थिरता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।”
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का उल्लेख करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा, “अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मुश्किल समय में कांग्रेस की कमान संभाली और साढ़े चार साल तक पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम किया। लेकिन भूपेश बघेल की जगह कांग्रेस के पंजाब प्रभारी बने सचिन पायलट ने पंजाब के महज दो घंटे के दौरे के दौरान ही उन्हें हटाने का फैसला कर लिया।”
उन्होंने कहा कि ऐसे फैसले वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं के मनोबल को प्रभावित करते हैं।
अमन अरोड़ा ने आगे कहा कि परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त हुए चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन राहुल गांधी ने अब तक उन्हें मिलने का समय नहीं दिया है। उन्होंने कहा, “परगट सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के परिवार और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अंबिका सोनी से शिष्टाचार भेंट की है। लेकिन जब अपनी ही पार्टी की प्रदेश इकाई के नवनियुक्त अध्यक्ष को केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात का समय नहीं मिलता, तो यह पंजाब के प्रति कांग्रेस हाईकमान के रवैये पर सवाल खड़े करता है।”
ये भी देखे: हरजिंदर सिंह धामी पंजाब पुलिस के साथ सहयोग करने के बजाय सीबीआई जांच की मांग क्यों कर रहे हैं? – बलतेज पन्नू