चंडीगढ़, 08 जुलाई 2026: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लोगों पर E-20 पेट्रोल थोपने के लिए मोदी सरकार द्वारा अपनाए जा रहे नए तरीकों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर और हीरो मोटोकॉर्प जैसी ऑटो कंपनियों से झूठ बोला है कि E-10 गाड़ियों में E-20 का इस्तेमाल करने से कोई नुकसान नहीं होगा।
जबकि टोयोटा, मारुति और अन्य कंपनियों ने अपने ओनर मैनुअल में माना है कि 10 प्रतिशत से ज़्यादा इथेनॉल का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, और अगर कोई समस्या आती है, तो इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं सभी ऑटो कंपनियों को पत्र लिखकर अनुरोध करूंगा कि अगर E-20 के कारण गाड़ी का माइलेज कम होता है या पुर्जे खराब होते हैं, तो वे मुआवज़े का आश्वासन दें। अगले हफ़्ते मैं प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखकर पूछूंगा कि अगर गाड़ी में कोई समस्या आती है, तो सरकार मुआवज़ा देगी या कंपनी?
मंगलवार को AAP मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार पूरे देश पर ज़बरदस्ती E-20 पेट्रोल थोप रही है। लोगों की तरफ़ से इसका कड़ा विरोध हो रहा है, लेकिन इस विरोध के बावजूद केंद्र सरकार अपनी ज़िद पर अड़ी हुई है। इस ज़िद का कारण पता नहीं है, लेकिन केंद्र सरकार पीछे नहीं हट रही है। रोज़ झूठ बोले जा रहे हैं, कभी कोई मंत्री झूठ बोलता है तो कभी कोई दूसरा मंत्री। झूठ का पुलिंदा बांधा जा रहा है। केंद्र सरकार लोगों को मनाने और यह समझाने के लिए नए-नए तरीके अपना रही है कि उन्हें E-20 का इस्तेमाल करना चाहिए।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 3 जुलाई को केंद्र सरकार ने छह ऑटो मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को बुलाया और उनसे कहा कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस करें और जनता को बताएं कि E-20 ठीक है। ये छह कंपनियाँ हैं – मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर, हीरो मोटोकॉर्प, हुंडई मोटर, बजाज ऑटो और TVS मोटर कंपनी। उन सभी से कहा गया कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस करें और जनता को बताएं कि E-20 सही पेट्रोल है।
अगर किसी की गाड़ी E-10 है, तो उसमें E-20 चलेगा। अगर उनकी गाड़ी E-20 वाली नहीं है, तब भी वह चलेगी। अगर उनकी गाड़ी E-0 या E-5 पर चलने वाली है, तब भी E-20 पेट्रोल चलेगा। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन छह कंपनियों में से तीन ने सरकार से यह कहते हुए मना कर दिया कि वे इतना बड़ा झूठ नहीं बोल सकतीं। लेकिन मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर और हीरो मोटोकॉर्प ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनता से झूठ बोला।
इन तीनों कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि अगर किसी की गाड़ी E-0, E-5 या E-10 है और उसमें E-20 पेट्रोल डाला जाए, तो कोई समस्या नहीं होगी। बस माइलेज 5-7 प्रतिशत कम हो जाएगा, लेकिन फ्यूल टैंक, फ्यूल सिस्टम और इंजन को कोई नुकसान नहीं होगा। इन तीनों कंपनियों ने जनता से झूठ बोला। जब लोग गाड़ी खरीदते हैं, तो उन्हें गाड़ी के साथ एक ओनर मैनुअल मिलता है। इसमें सभी शर्तें लिखी होती हैं। यह ग्राहक और ऑटो कंपनी के बीच एक तरह का समझौता होता है।
अरविंद केजरीवाल ने E-20 गाड़ियों के बारे में बताते हुए कहा कि 2023 से पहले बनी सभी गाड़ियां, जो इथेनॉल के लिए नहीं बल्कि शुद्ध पेट्रोल के लिए बनी थीं, अगर उनमें 10 प्रतिशत तक इथेनॉल का इस्तेमाल किया जाए, तो कोई समस्या नहीं होती। उन्हें E-10 कंप्लायंट कहा जाता है। 2023 से पहले बनी गाड़ियां, जिनमें या तो ज़ीरो इथेनॉल या 10 प्रतिशत तक इथेनॉल का इस्तेमाल किया जा सकता है, उन्हें E-10 कहा जाता है। 2023 के बाद भारत में सभी गाड़ियां E-20 बनने लगीं.
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