चंडीगढ़, 03 अक्टूबर 2026: हरियाणा में शहरों और विकास क्षेत्रों में जमीन के इस्तेमाल के नियम बदलने की तैयारी है। सरकार अब हर जोन में कौन-कौन से काम किए जा सकते हैं इसकी लंबी सूची रखने के बजाय किन गतिविधियों पर रोक होगी इसकी सूची तय करने जा रही है। प्रस्ताव के मुताबिक प्रतिबंधित गतिविधियों को छोड़कर संबंधित जोन में अन्य काम मौजूदा नीतिगत शर्तों के अनुसार किए जा सकेंगे।
नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर लोगों से 30 दिन में आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। इसके बाद इन पर विचार कर अंतिम फैसला लिया जाएगा। विकास योजनाओं के व्याख्यात्मक नोट का परिशिष्ट-ए हटाकर परिशिष्ट-बी में नई व्यवस्था शामिल करने का प्रस्ताव है। यह अभी प्रस्तावित व्यवस्था है। 30 दिन की अवधि पूरी होने के बाद आपत्तियों और सुझावों पर विचार कर अंतिम नियम तय किए जाएंगे।
आवासीय क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयां औद्योगिक कॉलोनियां कचरे से बिजली बनाने वाले संयंत्र रीसाइक्लिंग यूनिट आईटी व साइबर पार्क डाटा सेंटर बड़े गोदाम लॉजिस्टिक्स पार्क कंटेनर डिपो थोक कारोबार और ट्रांसपोर्ट नगर प्रतिबंधित होंगे। एयरपोर्ट रेलवे यार्ड बस अड्डे ट्रक पार्किंग सीवेज व कचरा प्रबंधन संयंत्र श्मशान-कब्रिस्तान बूचड़खाने डेयरी-पोल्ट्री फार्म खनन पत्थर क्रशिंग और खतरनाक कारोबार पर भी रोक रहेगी।
व्यावसायिक क्षेत्र में भी औद्योगिक इकाइयां औद्योगिक कॉलोनियां कचरा-सीवेज संयंत्र आईटी पार्क डाटा सेंटर बड़े लॉजिस्टिक्स पार्क कंटेनर डिपो गैस प्रतिष्ठान बूचड़खाने टेनरी खनन और डेयरी-पोल्ट्री गतिविधियां प्रतिबंधित प्रस्तावित हैं।
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