चंडीगढ़, 03 फ़रवरी 2026: हरियाणा सरकार ने हाई टेंशन बिजली लाइनों और टावरों से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत देते हुए नई मुआवजा नीति लागू कर दी है। अब 66 केवी या उससे अधिक क्षमता की ट्रांसमिशन लाइनों के कारण खेतों में टावर लगने पर किसानों को जमीन के कलेक्टर गाइडलाइन रेट का 200 प्रतिशत तक मुआवजा मिलेगा।
नई नीति के तहत टावर के बेस एरिया के साथ ही उसके चारों ओर एक-एक मीटर अतिरिक्त भूमि को भी मुआवजे में शामिल किया गया है। इससे पहले की व्यवस्था की तुलना में मुआवजा राशि काफी अधिक है जिससे किसानों को सीधा और बड़ा आर्थिक लाभ होगा।
फसल क्षति का मुआवजा देने के लिए संबंधित पटवारी या राजस्व अधिकारी का प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा। प्रमाण पत्र में किसान का नाम प्रभावित क्षेत्र फसल का प्रकार अनुमानित उपज और फसल का बाजार मूल्य स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा। स्वीकृत राशि सीधे किसान के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी।
हरियाणा सरकार के ऊर्जा विभाग ने 30 जनवरी 2026 को “66 केवी और उससे अधिक इन्ट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन लाइनों के लिए फसल नुकसान मुआवजा नीति” का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। यह नीति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
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