पटना, 15 अक्टूबर 2026। बिहार में बाढ़ और भारी बारिश से फसल बर्बाद होने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 14 अक्टूबर को कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत 2,48,704 किसानों के बैंक खातों में कुल 112.52 करोड़ रुपये भेजे। यह पैसा सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया है, ताकि प्रभावित किसान खेती से जुड़े खर्च पूरे कर सकें।
हालांकि, इस योजना के लिए 4.57 लाख से अधिक किसानों ने आवेदन किया था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बाकी किसानों को सहायता कब मिलेगी और किस किसान को कितनी राशि दी जाएगी।
22 अक्टूबर से चलेगा विशेष अभियान
बिहार सरकार के अनुसार, कृषि इनपुट अनुदान के लिए कुल 4,57,616 आवेदन मिले थे। इनमें से पहले चरण में 2,48,704 किसानों को सहायता राशि दी गई है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 22 अक्टूबर से विशेष अभियान चलाया जाए। इसका उद्देश्य बाढ़ और भारी बारिश से फसल का नुकसान झेलने वाले उन किसानों तक पहुंचना है, जिन्हें पहले चरण में सहायता नहीं मिल पाई।
हालांकि, बाकी सभी आवेदकों को पैसा मिलना तय नहीं है। सहायता उन्हीं किसानों को मिलेगी जो योजना की पात्रता और जरूरी जांच पूरी करेंगे।
किस किसान को कितनी आर्थिक सहायता मिलेगी?
कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत सहायता की राशि जमीन और फसल की श्रेणी के आधार पर तय की जाती है।
- असिंचित जमीन: 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर।
- सिंचित जमीन: 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर।
- बारहमासी फसलें: 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर।
इसका मतलब है कि सभी किसानों के खाते में एक जैसी रकम नहीं आएगी। मिलने वाली राशि संबंधित नियमों और पात्रता पर निर्भर करेगी।
किसानों को किस वजह से मिलेगी मदद?
अगस्त 2026 के अंतिम सप्ताह में बिहार के कई इलाकों में भारी बारिश हुई थी। इस दौरान नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ने से बाढ़ की स्थिति पैदा हुई और खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचा।
फसल खराब होने के बाद किसानों के सामने अगली बुवाई, बीज, खाद और खेती के दूसरे जरूरी खर्चों का इंतजाम करने की चुनौती आ जाती है। ऐसे समय में मिलने वाली सरकारी सहायता उन्हें दोबारा खेती शुरू करने में मदद कर सकती है।
हालांकि, अनुदान की राशि हर किसान के वास्तविक नुकसान की पूरी भरपाई करे, यह जरूरी नहीं है। इसका उद्देश्य प्रभावित किसानों को आर्थिक सहारा देना है।
खाते में पैसा नहीं आया तो क्या करें?
जिन किसानों ने आवेदन किया है, लेकिन अभी तक उनके बैंक खाते में राशि नहीं पहुंची है, वे ये कदम उठा सकते हैं:
1. बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक DBT पोर्टल पर जाएं।
2. कृषि इनपुट अनुदान योजना से संबंधित आवेदन की स्थिति देखने का विकल्प तलाशें।
3. मांगी गई किसान पंजीकरण संख्या और दूसरी जरूरी जानकारी भरें।
4. आवेदन की स्थिति और भुगतान से जुड़ी जानकारी जांचें।
5. यदि आवेदन या भुगतान में कोई समस्या दिखे, तो संबंधित कृषि विभाग के कार्यालय से संपर्क करें।
ध्यान रखें कि केवल आवेदन करने से अनुदान मिलना सुनिश्चित नहीं होता। आवेदन की जांच और योजना के नियमों के अनुसार पात्रता भी जरूरी है।
किसानों के लिए आगे क्या?
सरकार ने बाकी पात्र किसानों तक सहायता पहुंचाने के लिए 22 अक्टूबर से विशेष अभियान चलाने की बात कही है। इसलिए जिन किसानों को पहली बार में राशि नहीं मिली, उन्हें अपनी आवेदन स्थिति और दस्तावेजों की जानकारी जांचते रहना चाहिए।