UP Voter List 2026: यूपी में 12 नवंबर को आएगी वोटर लिस्ट की ड्राफ्ट कॉपी, 4 जनवरी को जारी होगी फाइनल सूची

by Priya
Bihar Voter List

लखनऊ, 15 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को अपडेट करने की तैयारी शुरू हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य की सभी विधानसभा सीटों के लिए वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने और गलतियों को ठीक करने का कार्यक्रम घोषित किया है। तय कार्यक्रम के मुताबिक, मतदाता सूची की शुरुआती कॉपी यानी ड्राफ्ट लिस्ट 12 नवंबर 2026 को जारी होगी, जबकि अंतिम सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित की जाएगी।

इस प्रक्रिया का सीधा संबंध उन लोगों से है, जो अगले विधानसभा चुनाव में मतदान करना चाहते हैं। यदि किसी योग्य मतदाता का नाम सूची में नहीं है या उसके नाम, पते अथवा अन्य जानकारी में गलती है, तो उसे निर्धारित समय के भीतर सुधार के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा।

वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने या गलती सुधारने का मौका कब मिलेगा?

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक, मतदाता सूची में बदलाव के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक होगी। इस दौरान लोग नाम जोड़ने, हटाने या विवरण में सुधार से जुड़ी आपत्तियां दे सकेंगे।

इसका मतलब है कि ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद मतदाताओं को करीब एक महीने का समय मिलेगा, जिसमें वे अपनी जानकारी जांच सकेंगे और जरूरत पड़ने पर आवेदन कर सकेंगे।

निर्वाचन अधिकारियों को 28 दिसंबर 2026 तक प्राप्त दावों और आपत्तियों की जांच कर उनका निपटारा करना होगा। इसके बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

वोटर लिस्ट अपडेट करने का पूरा कार्यक्रम

निर्वाचन आयोग ने प्रक्रिया के लिए अलग-अलग तारीखें तय की हैं।

  •  2 नवंबर 2026 तक: मतदान केंद्रों का पुनर्गठन और व्यवस्था ठीक करने का काम पूरा करना।
  • 12 नवंबर 2026: मतदाता सूची की ड्राफ्ट कॉपी जारी होगी।
  • 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026: नाम जोड़ने, हटाने और सुधार के लिए दावे-आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी।
  • 28 दिसंबर 2026 तक: दावों और आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा।
  • 4 जनवरी 2027: अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।

इस प्रक्रिया में 1 जनवरी 2027 को मतदाता बनने की पात्रता तय करने की तारीख माना जाएगा। यानी उस तारीख के आधार पर यह निर्धारित होगा कि कौन व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल होने की शर्तें पूरी करता है।

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले क्यों अहम है यह प्रक्रिया?

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को सही और अपडेट रखना जरूरी है। इसमें नए पात्र मतदाताओं के नाम शामिल किए जाते हैं और गलत या पुरानी जानकारी को ठीक किया जाता है।

अगर किसी योग्य व्यक्ति का नाम सूची में नहीं है, तो उसे समय रहते आवेदन करना चाहिए। वहीं, जिन मतदाताओं के नाम या पते में गलती है, वे भी ड्राफ्ट सूची आने के बाद अपनी जानकारी जांच सकते हैं।

मतदाता सूची में नाम होने की पुष्टि करना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि केवल पहचान पत्र होना अपने आप में मतदान के लिए पर्याप्त नहीं होता। मतदान के लिए संबंधित मतदाता सूची में नाम दर्ज होना जरूरी है।

राजनीतिक दलों की भी होगी भागीदारी

निर्वाचन आयोग ने कहा है कि राज्य और जिला स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया और आयोग के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारियों को भी तय समयसीमा के अनुसार तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह प्रक्रिया राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि मतदाता सूची को लेकर उठने वाली शिकायतें चुनाव से पहले बहस का विषय बन सकती हैं। इसलिए नाम जोड़ने, हटाने और सुधार के हर आवेदन का नियमों के अनुसार निपटारा करना जरूरी होगा।

मतदाता अभी क्या करें?

मतदाताओं को फिलहाल अंतिम सूची का इंतजार करने के बजाय ड्राफ्ट सूची जारी होने पर अपना नाम और विवरण जांचना चाहिए। यदि नाम गायब हो या कोई गलती मिले, तो निर्धारित अवधि में संबंधित आवेदन जमा करना चाहिए।

आवेदन करने से पहले निर्वाचन आयोग के आधिकारिक निर्देशों को देखना जरूरी है, ताकि सही प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी मिल सके।

ध्यान रखें: 12 नवंबर को जारी होने वाली सूची ड्राफ्ट होगी, अंतिम सूची नहीं। अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को जारी करने का कार्यक्रम तय किया गया है।

 

ये भी देखें: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027, मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया और चुनाव आयोग से जुड़ी ताजा खबरें।

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