चंडीगढ़, 05 अक्टूबर 2026: अमेरिकी एयर फोर्स ने इंग्लैंड में मौजूद अपने मिलिट्री एयर बेस से बॉम्बर वापस बुला लिए हैं। इनका इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया जाता था। यह कदम आरएएफ फेयरफोर्ड बेस पर एक संभावित आतंकी हमले की जांच के बाद उठाया गया है।
पेंटागन के एक अधिकारी के अनुसार इन बॉम्बर को अमेरिका में उनके बेस पर वापस भेज दिया गया है। अधिकारी ने रविवार को नाम न बताने की शर्त पर यह जानकारी दी। वह संवेदनशील मिलिट्री गतिविधियों पर बात करने के लिए अधिकृत नहीं थे।
मिलिट्री एयर ट्रैकिंग अलायंस जैसे एविएशन पर नजर रखने वाले समूहों ने ईरान युद्ध की शुरुआत से ही आरएएफ फेयरफोर्ड से दर्जनों बी-52 और बी-1 बॉम्बर को ऑपरेट होते देखा है। जानकारों ने रविवार को बेस से कई बी-1 बॉम्बर को उड़ान भरते देखा।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। इनमें नए हमले भी शामिल हैं। हालांकि उन्होंने अमेरिकियों से शुरू में वादा किया था कि यह अभियान कुछ हफ्तों तक ही चलेगा। शनिवार को ट्रंप ने कहा कि ईरान को लेकर मुझे कुछ फैसले लेने हैं। ईरान को बुरी तरह तबाह कर दिया गया है। इसलिए अब सवाल बस यह है कि या तो यह आसान तरीका होगा या फिर मुश्किल तरीका।
सितंबर के आखिर में आरएएफ फेयरफोर्ड में एक सुरक्षा घटना हुई थी। पिछले हफ्ते सेंट्रल लंदन में एक ब्रिटिश-ईरानी नागरिक को आतंकी हमले की साजिश रचने के शक में गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान कुल छह लोगों को हिरासत में लिया गया और फिर जमानत पर रिहा कर दिया गया। ब्रिटिश अधिकारियों ने इस घटना का संबंध तेहरान से जोड़ा। ईरान ने इसमें शामिल होने से इनकार किया है। लेकिन उसने पहले कहा है कि वह अपने इलाके पर हमले के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले किसी भी बेस को सही निशाना मानता है।
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