‘अमीरों के राम और गरीबों के शिव हैं भगवान..’ तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी के का विवादित बयान

by Manu
रेवंत रेड्डी

हैदराबाद, 29 सितंबर 2026: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सोमवार को उत्तर और दक्षिण भारत की धार्मिक और राजनीतिक पहचान की तुलना की। इससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। भाजपा ने रेड्डी के इस कदम की कड़ी निंदा की। इसे राजनीतिक फायदे के लिए समुदायों को बांटने की कोशिश बताया।

एक मीडिया कार्यक्रम के दौरान रेवंत रेड्डी ने भाजपा की ओर से जय श्री राम के नारे के बार-बार इस्तेमाल पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेता उसी तरह हर हर महादेव का नारा क्यों नहीं लगाते।

रेड्डी ने कहा कि हम द्रविड़ हैं वे आर्य हैं। हम भगवान शिव के भक्त हैं जबकि वे भगवान राम के भक्त हैं। उन्होंने भगवान शिव को गरीबों का देवता और भगवान राम को अमीरों का देवता बताया। उन्होंने यह भी कहा कि लोग दोनों देवताओं को पूजते हैं। उनकी ये बातें इस तर्क के समर्थन में थीं कि उत्तर और दक्षिण भारत की राजनीतिक संस्कृतियों में बड़े अंतर हैं।

इस बयान पर भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने रेड्डी पर भगवान शिव और भगवान राम के बीच राजनीतिक बंटवारा पैदा करने का आरोप लगाया। संजय ने काशी विश्वनाथ मंदिर के साथ पीएम मोदी के जुड़ाव का जिक्र किया। वेमुलावाड़ा की उनकी यात्रा का हवाला दिया। उन्होंने रेड्डी के इस दावे का खंडन किया कि भाजपा नेता भगवान शिव का नाम नहीं लेते।

भाजपा नेता ने कहा कि रेवंत रेड्डी ने पहले कहा था कि मुस्लिम ही कांग्रेस हैं और कांग्रेस ही मुस्लिम है। अब भगवान राम और भगवान शिव के बीच राजनीतिक लकीरें खींच रहे हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री होने के नाते जहां वेमुलावाड़ा में दक्षिण काशी और भद्राचलम में दक्षिण अयोध्या स्थित हैं रेड्डी को भगवान राम और भगवान शिव को उत्तर और दक्षिण में बांटने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

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