FCRA संशोधन पर अमेरिका को भारत का जवाब, कहा – यह हमारा आंतरिक मामला

by Manu
randhir jaiswal

नई दिल्ली, 08 अगस्त 2026: भारत ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) संशोधन विधेयक पर अमेरिकी सांसद की टिप्पणी का स्पष्ट और दो टूक जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत के विधायी मामलों पर फैसला देश की संसद करती है और यह पूरी तरह भारत का आंतरिक विषय है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि विदेशी फंड के प्रवाह को नियंत्रित करने के नियम केवल भारत में ही नहीं बल्कि अमेरिका समेत कई देशों में लागू हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने एफसीआरए संशोधन विधेयक पर अमेरिकी सांसद की टिप्पणी देखी है। भारत से जुड़े विधायी मामलों पर निर्णय संसद लेती है और इस तरह के विषय देश के आंतरिक मामलों का हिस्सा हैं। कई देश जिनमें अमेरिका भी शामिल है विदेशी धन के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए अपने-अपने कानून लागू करते हैं।

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