मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा, बुनियादी ढांचे और छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार के लिए ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ के तहत कई कदम उठाए हैं। इनमें स्कूल ऑफ एमिनेंस, छात्राओं के लिए मुफ्त बस सेवा, शिक्षकों की भर्ती और प्रशिक्षण, स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, मुफ्त वर्दी और स्कूलों के बुनियादी ढांचे पर निवेश शामिल है।
सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उन व्यावहारिक समस्याओं को कम करना है, जिनके कारण विशेष रूप से छात्राओं और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।
पंजाब सरकार 118 ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ और अन्य सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए मुफ्त बस सेवा उपलब्ध करा रही है। सरकार के अनुसार, इस सुविधा से लगभग 15,500 विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।
स्कूल से दूर रहने वाली छात्राओं के लिए परिवहन की उपलब्धता शिक्षा जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मुफ्त बस सेवा का उद्देश्य परिवारों पर परिवहन खर्च कम करना और छात्राओं को स्कूल तक नियमित एवं सुविधाजनक पहुंच उपलब्ध कराना है।
पंजाब सरकार के अनुसार, अप्रैल 2022 से ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ के तहत लगभग 13,765 शिक्षकों की भर्ती की गई है। सरकार ने अनुबंध के आधार पर काम कर रहे शिक्षकों को नियमित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई है। अलग-अलग भर्ती और नियमितीकरण पहलों को मिलाकर सरकारी स्कूलों में 15,000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती और नियुक्ति से जुड़े कदम उठाए गए हैं।
शिक्षकों की संख्या बढ़ाने के साथ उनके प्रशिक्षण पर भी ध्यान दिया गया है। स्कूल प्रधानाचार्यों और शिक्षकों के अलग-अलग बैचों को प्रशिक्षण के लिए सिंगापुर और फिनलैंड भेजा गया है। इसका उद्देश्य वहां की शिक्षण पद्धतियों और स्कूल प्रबंधन के अनुभवों को समझना और उन्हें पंजाब के सरकारी स्कूलों में उपयोग करना है।
सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा के विस्तार के तहत राज्य में 9,000 से अधिक स्मार्ट क्लासरूम और 5,000 कंप्यूटर लैब स्थापित किए गए हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य छात्रों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाई और कंप्यूटर आधारित शिक्षा से जोड़ना है।
इसके अलावा, पंजाब सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में हाई-स्पीड फाइबर वाईफाई इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट रखा है। इंटरनेट कनेक्टिविटी के विस्तार से स्मार्ट क्लासरूम और कंप्यूटर लैब का नियमित उपयोग बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों के छात्रों को मुफ्त वर्दी उपलब्ध करा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्री-प्राइमरी के 2,70,853 विद्यार्थियों, 71,940 अन्य जरूरतमंद विद्यार्थियों और कक्षा पहली से पांचवीं तक के 1,27,174 विद्यार्थियों को मुफ्त वर्दी उपलब्ध कराने के लिए 28.20 करोड़ रुपये का बजट रखा गया।
इसके अलावा, कक्षा छठी से आठवीं तक के 48,959 जरूरतमंद विद्यार्थियों और सामान्य वर्ग के 64,407 जरूरतमंद विद्यार्थियों को मुफ्त वर्दी उपलब्ध कराने के लिए 6,80,19,600 रुपये जारी किए गए।
सरकार के अनुसार, शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के दौरान सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को समय पर किताबें उपलब्ध कराई गईं। स्कूलों में छात्राओं से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 385 स्कूलों में सैनिटरी पैड इंसीनरेटर मशीनें लगाने के लिए 77 लाख रुपये जारी किए हैं।
सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए भी अलग-अलग योजनाओं के तहत धनराशि जारी की गई है। EDS-39 के तहत नाबार्ड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 136 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
इस राशि का उपयोग कक्षाओं, विज्ञान प्रयोगशालाओं, कंप्यूटर लैब, बहुउद्देश्यीय कमरों, रसोई, मेडिकल रूम, हेड रूम, खेल के मैदान और लड़के एवं लड़कियों के लिए अलग शौचालय जैसी सुविधाओं के निर्माण और सुधार के लिए किया जा रहा है। इस पहल से कुल 1,703 सरकारी स्कूल लाभान्वित हुए हैं।
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