चंडीगढ़, 30 जुलाई 2026: कनाडा इमिग्रेशन विभाग ने गैंगस्टर लॉरेंस गैंग के सहयोगी को डिपोर्ट करने का आदेश जारी किया है। 11 जुलाई को जारी इस आदेश को कनाडा पुलिस ने 29 जुलाई को सार्वजनिक किया। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान पंजाब मूल के जशनदीप सिंह के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने 19 मई 2025 को सरे में कपिल शर्मा के कैप्स कैफे फायरिंग मामले में हथियार छिपाए थे।
जशनदीप सिंह वर्ष 2022 में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा गया था। पूछताछ में उसने कथित तौर पर माना कि उसके पिता ने कर्ज लेकर उसे कनाडा भेजा था। इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड ने लॉरेंस गैंग से संबंधों के आधार पर उसे अयोग्य ठहराते हुए डिपोर्ट करने का आदेश दिया है।
कनाडाई पुलिस ने जशनदीप सिंह को एडमंटन में सक्रिय लॉरेंस गैंग का निचले स्तर का गुर्गा बताया है। जांचकर्ताओं का कहना है कि वह अर्शदीप सिंह नाम के मिडिल लेवल गैंग ऑपरेटिव के अधीन काम करता था। अर्शदीप को इस साल की शुरुआत में कनाडा से डिपोर्ट किया जा चुका है।
अर्शदीप गोल्डी बराड़ को रिपोर्ट करता था, जिसे उत्तरी अमेरिका में बिश्नोई सिंडिकेट का कथित मुख्य हैंडलर माना जाता है। सुनवाई के दौरान एडमंटन पुलिस सर्विस के अधिकारी ने गवाही दी कि जब्त मोबाइल फोन में मिले वीडियो के आधार पर जशनदीप की पहचान हुई। वीडियो में जशनदीप को हैंडगन पकड़े हुए देखा गया था।
इस हथियार का इस्तेमाल 19 मई 2025 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में रंगदारी से जुड़ी फायरिंग में हुआ था। वीडियो में जशनदीप एक व्यक्ति के सिर पर पिस्तौल तानता दिख रहा है।
कुछ घंटों बाद यही हथियार एडमंटन में हुई फायरिंग में इस्तेमाल किया गया। जांचकर्ताओं के अनुसार जशनदीप ने सबूत मिटाने के लिए हथियार छिपा दिया था। बाद में उसके रहने वाले स्थान से एक अन्य हथियार भी बरामद किया गया।
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