भारतीय वायुसेना के स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रम को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। रक्षा मंत्रालय से संबंधित रिपोर्ट के अनुसार Tejas Mk1A विमानों की दूसरी खेप के 97 फाइटर जेट की डिलीवरी अगले साल से शुरू होने की उम्मीद है।
भारत लंबे समय से अपनी वायुसेना में स्वदेशी लड़ाकू विमानों की संख्या बढ़ाने पर जोर दे रहा है। Tejas कार्यक्रम इसी आत्मनिर्भरता की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
हालांकि रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पहले से किए गए 83 विमानों के ऑर्डर की डिलीवरी में देरी रही है। भारतीय वायुसेना फिलहाल अपनी स्वीकृत 42.5 fighter squadrons की संख्या की तुलना में कम fighter squadrons के साथ काम कर रही है।
ऐसे में Tejas Mk1A की समय पर डिलीवरी वायुसेना की operational preparedness के लिए महत्वपूर्ण है। आधुनिक avionics, radar और weapons integration के कारण Mk1A को पुराने विमानों की तुलना में अधिक सक्षम platform के रूप में देखा जाता है।
भारत के लिए इसका दूसरा महत्व defence manufacturing ecosystem से जुड़ा है। बड़े ऑर्डर से घरेलू aerospace manufacturing, component suppliers और निजी रक्षा उद्योग को भी बढ़ावा मिल सकता है।
अब मुख्य चुनौती केवल नए विमानों का ऑर्डर देना नहीं बल्कि उनकी समय पर production और delivery सुनिश्चित करना है। अगले वर्ष शुरू होने वाली दूसरी खेप की डिलीवरी इस लिहाज से महत्वपूर्ण परीक्षण होगी।