चंडीगढ़, 27 मई 2026: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे देश में यह किस तरह की सरकार है, जो एक भी पेपर ठीक से नहीं करवा पा रही है। NEET, CBSE 12वीं, SSC GD के बाद, अब B.Tech परीक्षा में भी गड़बड़ियों की खबरें आ रही हैं। माफिया ने पूरी शिक्षा व्यवस्था पर कब्ज़ा कर लिया है। अगर युवा अपना भविष्य सुरक्षित करना चाहते हैं, तो उन्हें कुछ करना होगा।
अरविंद केजरीवाल ने X पर कहा कि NEET और CBSE 12वीं कक्षा के बाद, अब कई जगहों से SSC GD में भी गड़बड़ियों की खबरें आ रही हैं। कई जगहों से शिकायतें आ रही हैं कि सर्वर में खराबी है; कई परीक्षा केंद्रों पर उनकी क्षमता से ज़्यादा बच्चों को बुलाया गया था। यह किस तरह की सरकार है? जो एक भी पेपर ठीक से नहीं करवा पा रही है?
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि माफिया ने पूरे देश की शिक्षा व्यवस्था पर पूरी तरह से कब्ज़ा कर लिया है। करोड़ों बच्चों और युवाओं के भविष्य का सौदा किया जा रहा है। यह शिक्षा माफिया यूं ही नहीं फल-फूल रहा है। शीर्ष पर दो लोग बैठे हैं जो इन्हें बढ़ावा दे रहे हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपका भविष्य सुरक्षित रहे, तो आपको कुछ करना होगा।
दूसरी ओर, दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री और “AAP” के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि पिछले 10 दिनों में एक भी दिन ऐसा नहीं बीता, जब पेपर लीक का कोई मामला सामने न आया हो। ऐसा कोई दिन नहीं रहा जब किसी परीक्षा में धांधली को लेकर लोगों में गुस्सा न हो या किसी परीक्षा को लेकर हंगामा न हुआ हो। NEET का पेपर लीक हो गया। फिर CBSE परीक्षा में मार्किंग घोटाला सामने आया। UPSC परीक्षा को लेकर हंगामा हुआ।
अभी-अभी उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षा हुई, जिसमें VIP रोल नंबरों को लेकर हंगामा हुआ। आज पूरे दिन, SSC के जो छात्र परीक्षा देने गए थे, वे सड़कों पर प्रदर्शन करते रहे क्योंकि उनके साथ धोखा हुआ था। देश में आखिर चल क्या रहा है?
मनीष सिसोदिया ने आगे कहा कि अगर प्रधानमंत्री देश में पेपर ठीक करने पर अपने ध्यान का सिर्फ़ एक प्रतिशत भी दें, तो पेपर ठीक होने लगेंगे और युवाओं का भविष्य बनने लगेगा। लेकिन उन्हें इसकी कोई चिंता नहीं है। प्रधानमंत्री पूरे देश को गुमराह कर सकते हैं, लेकिन वे इस देश के युवाओं को गुमराह नहीं कर सकते। यह नए ज़माने का युवा है, इसे सबक सिखाना आता है।
मनीष सिसोदिया ने प्रधानमंत्री से कहा कि न तो आपसे शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा माँगा जा रहा है, और न ही परीक्षाएँ ईमानदारी से करवाई जा रही हैं। देश का युवा पूछ रहा है कि जब आपसे व्यवस्था नहीं संभल रही है, तो आप कुर्सी क्यों नहीं छोड़ देते?
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