चंडीगढ़, 25 मार्च 2026: राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने राज्यसभा में बोलते हुए विनियोग विधेयक (एप्रोप्रिएशन बिल) का समर्थन किया। उन्होंने इसे शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की सोच के अनुरूप, आत्मनिर्भर और समावेशी भारत के निर्माण की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया।
राज्यसभा में विनियोग विधेयक (2), 2026 पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए, सांसद सतनाम सिंह संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पंजाब के विकास के लिए अटूट प्रतिबद्धता दिखाई है। किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में रिकॉर्ड वृद्धि, केंद्रीय स्वास्थ्य और शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, और राज्य के सहकारी आंदोलन व फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र को मज़बूत करने की पहलें शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 में पंजाब में रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए रिकॉर्ड 5,421 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। विनियोग विधेयक के पारित होने से इस राशि के खर्च में पारदर्शिता और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित होगा।
शहीद भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु को श्रद्धांजलि देते हुए जिनका शहीदी दिवस 23 मार्च को ‘शहीद दिवस’ के रूप में मनाया पर सांसद सतनाम सिंह संधू ने ज़ोर दिया कि उनके स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और न्याय के आदर्शों ने पिछले 12 वर्षों में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत के परिवर्तन को प्रेरित किया है। पीएम मोदी ने औपनिवेशिक काल के 1,600 से ज़्यादा पुराने कानूनों को रद्द किया गया और आईपीसी,सीआरपीसी तथा साक्ष्य अधिनियम (एविडेंस एक्ट) जैसे औपनिवेशिक ढांचों की जगह नागरिक-केंद्रित कानून लागू कर किये गए हैं , जिससे शासन व्यवस्था भारतीय मूल्यों के अनुरूप हो गई है।
सामाजिक-आर्थिक विकास के मुद्दे पर बोलते हुए सांसद ने पिछले दशकों की तुलना हाल की प्रगति से करते हुए कहा कि पहले के नारे, जैसे “गरीबी हटाओ”, गरीबों की बुनियादी ज़रूरतें पूरी करने में नाकाम रहे लेकिन इसके विपरीत, 2014 के बाद पीएम मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति की दिशा में बढ़ा है। जिसका परिणाम सभी को स्पष्ट दिखाई दे रहा हैं, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 5 करोड़ से अधिक घरों को मंज़ूरी दी गई है। सांसद ने कहा,अब गरीब केवल छत के नीचे नहीं रहते, बल्कि अपने सपनों के साथ जीते हैं।” उन्होंने बताया कि ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ के तहत 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है।
अपने गृह राज्य पंजाब की चुनौतियों का जिक्र करते हुए सांसद संधू ने कहा कि राज्य पर 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है, साथ ही किसानों पर 1 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा का कर्ज़ और तेज़ी से गिरता भूजल स्तर भी एक बड़ी समस्या है। हालाँकि, उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 में पंजाब में रेलवे निवेश के लिए 5,421 करोड़ रुपये से ज़्यादा का आवंटन, और पिछले 12 सालों में 70,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के राष्ट्रीय राजमार्ग विकास, पंजाब के विकास के प्रति केंद्र सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद में हुई 214% की रिकॉर्ड वृद्धि से किसानों को बहुत लाभ हुआ है। एमएसपी खरीद का कुल मूल्य, 2013 में 1.06 लाख करोड़ से बढ़कर अब 3.33 लाख करोड़ हो गया है। एआईआईएमएस बठिंडा और आईआईएम अमृतसर जैसे प्रमुख संस्थानों की स्थापना ने पंजाब के शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिली है।
सांसद ने सरकार के “नशामुक्त भारत रोडमैप (2026–2029)” का स्वागत करते हुए इसे नार्को-आतंकवाद से निपटने के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि नए हवाई अड्डों का विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और करतारपुर साहिब कॉरिडोर व हेमकुंड साहिब रोपवे जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रोजेक्ट्स ने पंजाब की आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि 1984 दंगों के दोषियों को सजा दिलवाना वर्तमान सरकार के उस सिद्धांत का प्रमाण है कि न्याय भले ही देर से मिले, लेकिन मिलता जरूर है।
सहकारी क्षेत्र पर बोलते हुए सतनाम संधू ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में सहकारी क्रांति आ रही है, जिसमें 8.5 लाख से अधिक समितियां और 30 करोड़ से अधिक सदस्य जुड़े हैं। पंजाब की मिल्कफेड और मार्कफेड जैसी सहकारी संस्थाओं को सफल मॉडल बताते हुए उन्होंने कहा कि बजट में सहकारी संस्थाओं के लिए किए गए प्रावधानों जैसे कर छूट, सहकारी संस्थाओं के बीच लाभांश पर टैक्स में राहत, और राष्ट्रीय सहकारी संघों को छूट से सहकारी क्षेत्र को मजबूती मिली है।
“विकसित भारत-ग्राम जी (G)” पहल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत के बुनियादी ढांचे, आजीविका, जल सुरक्षा और स्वच्छता में सुधार के लिए 95,692 करोड़ रुपये आवंटित किये गए है। साथ ही, मनरेगा के लिए भी 30,000 करोड़ का प्रावधान ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देगा।
सांसद सतनाम सिंह संधू ने कहा कि भारत अब ‘वादा-आधारित’ व्यवस्था से आगे बढ़कर ‘प्रदर्शन-आधारित’ शासन मॉडल की ओर बढ़ चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों के अनुरूप एक मजबूत, आत्मनिर्भर और गौरवशाली भारत की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने विनियोग विधेयक का पूर्ण समर्थन करते हुए सरकार को दूरदर्शी और समावेशी बजट पेश करने के लिए बधाई दी।
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