सनटेक सिटी की खुली पोल, हाईकोर्ट का कड़ा रुख, लाइसेंस किया कैंसिल, किसानों की हुई जीत

by Manu
सनटेक सिटी

मोहाली, 21 मार्च 2026: मोहाली में न्यू चंडीगढ़ रोड पर सनटेक सिटी नाम की एक कॉलोनी (डेवलपर कंपनी) से जुड़े फ्रॉड का एक कथित मामला सामने आया है। किसानों के मुताबिक, सनटेक कंपनी ने न्यू चंडीगढ़ रोड पर ज़मीन खरीदी थी और PUDA ने इसे मंज़ूरी दी थी।

जब इस ज़मीन का मैप तैयार हुआ, तो बाद में कुछ किसानों को पता चला कि उनकी ज़मीन भी इस मैप में है। कुछ किसान इस ज़मीन पर अपनी खेती भी कर रहे थे, जबकि कंपनी उस ज़मीन पर प्लॉट काटकर उन्हें बेच रही थी।

जब किसानों को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने इसका विरोध करते हुए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। किसानों की तरफ से एडवोकेट चरणपाल सिंह बागड़ी ने हाई कोर्ट के सामने केस से जुड़ी किसानों की दलीलें पेश कीं। इस मामले पर बहुत लंबी बहस हुई। इसके बाद हाई कोर्ट के आदेश पर साल 2024 में सनटेक कंपनी का लाइसेंस कैंसिल कर दिया गया।

इस बीच, सवाल उठ रहे हैं कि PUDA ने उन अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जिन्होंने उक्त कंपनी को मंजूरी दी और उनके लाइसेंस रिन्यू करवाए।

इस बारे में किसान बलविंदर सिंह का कहना है कि न्यू चंडीगढ़ के गांव पलहेरी में एयरपोर्ट रोड पर सनटेक सिटी है। बलविंदर ने आरोप लगाया कि सनटेक के मालिकों ने नकली साइन करवाकर PUDA से CLU ले लिया। उन्होंने 2014 में CLU पास करवाया और हमें इसके बारे में 2019 में पता चला। बलविंदर का कहना है कि मेरे खेत से 2 प्लॉट भी बेचे गए थे, यह तब पता चला जब प्लॉट मालिक उनके पास आए।

इसके बाद हमने CLU निकलवाने के बाद पुलिस से संपर्क किया, लेकिन पुलिस ने 3 साल तक हमारी कोई मदद नहीं की और हमें 2022 तक इस बारे में कुछ पता नहीं चला। किसान बलविंदर सिंह ने कहा कि हम इस मामले को लेकर वकील चरणपाल सिंह बागड़ी के पास गए और उन्होंने हाई कोर्ट में केस किया, लेकिन हाई कोर्ट ने हम पर 1 लाख का जुर्माना लगा दिया, इसका कारण यह था कि हमने कोर्ट का समय बर्बाद किया।

इसके बाद वकील चरणपाल सिंह बागड़ी सुप्रीम कोर्ट गए और ऑर्डर कैंसिल करवाकर हाई कोर्ट के डबल बैच में आए। डबल बैच ने कंपनी का लाइसेंस, CLU और सेल डीड कैंसिल कर दी। इसके साथ ही कंपनी का अकाउंट भी सीज कर दिया गया।

बलविंदर सिंह का कहना है कि इसके बाद सनटेक कंपनी ने PUDA से लाइसेंस लेने की कोशिश की। चरणपाल सिंह बागड़ी हमारी तरफ से पेश हुए और इसका विरोध किया और हाई कोर्ट में केस किया।

बलविंदर सिंह का कहना है कि सनटेक कंपनी के मालिकों ने वकील पर केस छोड़ने का दबाव बनाया और कथित तौर पर उन्हें धमकाया। इसके साथ ही बार काउंसिल से वकील का लाइसेंस कैंसिल करवाने की भी कोशिश की गई। इसके साथ ही कथित तौर पर उन्होंने वकील को रिश्वत देने की कोशिश की, लेकिन वकील ने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि अब भी इस ज़मीन पर हमारा कब्ज़ा है। उन्होंने कथित तौर पर आरोप लगाया कि अब भी उक्त कंपनी के लोग हेरफेर कर रहे हैं।

किसानों ने कहा कि कंपनी ने नक्शे में पुलिस चौकी, धर्मशाला, पार्क और प्लॉट भी दिखाए। बलविंदर सिंह ने कहा कि शोरूम को मैप में दिखाया गया था और उसे बेच भी दिया गया। उन्होंने कहा कि यह हमारी ज़मीन है और इस पर हमारी फ़सलें उग रही हैं। कंपनी हमारी ज़मीन पर कब्ज़ा नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि कंपनी ने PUDA के साथ मिलकर CLU पास करवाया और हमारे साथ धोखा किया। बलविंदर सिंह ने पंजाब सरकार से अपील की है कि उनके ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाए।

वकील चरणपाल सिंह बागड़ी ने कहा कि हाई कोर्ट ने कंपनी का लाइसेंस और RERA नंबर कैंसिल कर दिया है। इसके साथ ही अकाउंट भी सीज़ कर दिया गया। कोर्ट ने कहा कि यह कंपनी विज्ञापन या मार्केटिंग नहीं कर सकती ताकि अनजान लोग फंस न जाएं।

उन्होंने कहा कि ज़मीन के मालिक का कहना है कि उन्होंने 2011 में प्रोजेक्ट बेचना शुरू किया था, लेकिन उनका लाइसेंस और CLU 2016 में हुआ। उन्होंने कहा कि कंपनी ने कथित तौर पर गैर-कानूनी पैसा कमाया है जिसके किसान हक़दार हैं। वह पैसा इन ज़मीनों के मालिकों को दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो किसान सहमति पत्र पर अंगूठा लगाता है, उसके अंग्रेज़ी में नकली साइन हैं, जो एक बड़ा धोखा है।

एक एकड़ में 4840 वर्ग गज का होता है, सड़कों को छोड़ दें तो 3200 या 3 हजार वर्ग गज बिक सकता है। आज के समय में कमर्शियल यूनिट भी निकल रही हैं। एयरपोर्ट रोड पर एक कमर्शियल शोरूम की कीमत आठ से नौ करोड़ रुपये है। आज न्यू चंडीगढ़ में मुलनपुर रोड पर रेट डेढ़ लाख वर्ग गज है। अगर इसे तीन हजार वर्ग गज में काटा जाए या बेचा जाए तो यह 45 करोड़ रुपये हो जाता है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में दो तरह की धोखाधड़ी है। एक तो यह कि जिन लोगों से रजिस्ट्रेशन कराए गए, उन्होंने पहले सीएलयू करवा लिया। हाईकोर्ट ने इस मामले में पंजाब सरकार को फटकार लगाई है और उस पर सवाल उठाए हैं। वकील ने कहा कि नियमों के मुताबिक कम से कम सौ किलों की टाउनशिप पास हो सकती थी। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुडा पर सवाल उठ रहे हैं कि पहले किसी को नहीं पता था कि एयरपोर्ट रोड यहीं से निकलने वाली है। वकील के मुताबिक, मोहाली पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। जब वे कोर्ट गए तो केस दर्ज हुआ। अब पुलिस ने रिपोर्ट दी, उसमें क्या लिखा था, ओरिजिनल कंसेंट लेटर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इस कंसेंट लेटर पर जो किसान अंगूठा लगाता है, उसके सिग्नेचर इंग्लिश में हैं, जो बहुत बड़ा फ्रॉड है। जब हाई कोर्ट ने DGP और इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो से रिपोर्ट मांगी तो पुलिस ने 19.11.2022 को फिर से केस दर्ज कर लिया।

वकील ने कहा कि वे खुद को बचाने में लगे हैं। उनके मुताबिक, 2500 करोड़ का कथित स्कैम है। जो व्यक्ति कथित तौर पर मुझे 18 करोड़ ऑफर करता है और अपनी पसंद का प्लॉट दे सकता है। वह किसे कितने पैसे दे सकता है, यह समझ से परे है।

वकील का कहना है कि इस केस से हटने के लिए उन्होंने मुझे रिश्वत ऑफर की, जब मैंने मना किया तो उन्होंने बार काउंसिल के 12-13 वकीलों से मेरा लाइसेंस कैंसिल करवाने की कोशिश की। बार काउंसिल ने मेरा पक्ष सुने बिना मुझे नोटिस जारी कर दिया। फिर भी हम जीत गए। उन्होंने कहा कि एजेंसियों को इस मामले की जांच करनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके कि इसमें कौन शामिल है। इस बारे में कंपनी का पक्ष लेने के लिए कई बार संपर्क किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

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