डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ नीति: भारत और दुनिया पर संभावित प्रभाव

by chahat sikri
डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ नीति

चंडीगढ़, 09 अप्रैल, 2025: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध तेज हो गया है। ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल (2016-20) के दौरान चीन पर 20 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। इस बार सत्ता में आने के बाद उन्होंने 2 अप्रैल को चीन पर 34 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की घोषणा की है। इस प्रकार अमेरिका ने चीन पर कुल 54 प्रतिशत जवाबी शुल्क लगा दिया है।

उत्पादों पर टैरिफ 50 प्रतिशत बढ़ा

डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आने वाले उत्पादों पर टैरिफ 50 प्रतिशत बढ़ा दिया। इसका मतलब यह है कि अब अमेरिका चीन पर कुल 104 प्रतिशत टैरिफ लगा रहा है। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कहा कि मध्य रात्रि से चीन पर 104 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। अब यह देखना बाकी है कि चीन इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है। ट्रम्प ने मंगलवार को कहा कि वह 100 प्रतिशत से अधिक टैरिफ लगाने से पहले चीन की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध का असर भारत पर भी पड़ने की संभावना है। इसका प्रभाव सकारात्मक और नकारात्मक दोनों हो सकता है।

भारत मे अमेरिका से वस्तुएं आयात

भारत अमेरिका से कई ऐसी वस्तुएं आयात करता है।  जिसमें चीन का महत्वपूर्ण योगदान है। उदाहरण के लिए, विमान, उनके इंजन, आभूषण, रत्न, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, ऑटो सेक्टर से जुड़े पुर्जे आदि। इन सभी उत्पादों के निर्माण के लिए अमेरिका काफी हद तक चीन पर निर्भर है, क्योंकि ऑटो पार्ट्स से लेकर विमान के इंजन में इस्तेमाल होने वाले कलपुर्जों तक के लिए अमेरिका महत्वपूर्ण और दुर्लभ खनिजों (लिथियम, स्कैंडियम आदि) का आयात चीन से करता है।

चीन ने पूरी दुनिया में अपनी आपूर्ति श्रृंखला पर पूरी तरह से नियंत्रण कर लिया है। उदाहरण के लिए, कारों, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों, हवाई जहाजों और अन्य वस्तुओं में प्रयुक्त लिथियम के वैश्विक निर्यात का 80 प्रतिशत अकेले चीन से आता है। ऐसे में आयात शुल्क लगने से चीन से आने वाले कई उत्पाद अमेरिका में महंगे हो जाएंगे।

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