वाशिंगटन, डीसी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को दी आखिरी चेतावनी और गाजा में बंधकों की तुरंत रिहाई की मांग की है। ट्रम्प ने कहा कि अगर हमास ने बंधकों को छोड़ने में देर की, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। यह बयान उस समय आया है जब व्हाइट हाउस ने पुष्टि की कि अमेरिका ने फिलिस्तीन में हमास के साथ सीधी बातचीत की है, खासकर बंधकों की रिहाई के मुद्दे पर।
हालांकि, अमेरिका और हमास के बीच अब तक कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई थी, क्योंकि 1997 में अमेरिका ने हमास को एक विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया था। लेकिन हाल के दिनों में, अमेरिकी विदेश विभाग और हमास के बीच बंधकों के मुद्दे पर सीधी चर्चा हो रही है। ट्रंप ने हमास को दी आखिरी चेतावनी इस संदर्भ में एक अहम बयान है, जिसमें उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अगर हमास ने बंधकों को रिहा नहीं किया, तो उसे बड़ी कीमत चुकानी होगी।
ट्रंप की चेतावनी: गाजा में बंधकों की रिहाई या गंभीर परिणाम
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में हमास को “बीमार और विकृत” बताया। उन्होंने कहा कि हमास ने बंधकों के शवों को रखा और उन्हें रिहा नहीं किया। उन्होंने हमास के नेतृत्व से गाजा छोड़ने का आग्रह किया और वहां के नागरिकों के लिए एक बेहतर भविष्य की संभावना का हवाला दिया। ट्रंप ने कहा, “आपके पास एक आखिरी मौका है, बंधकों को रिहा करें या फिर आपको इसका गंभीर परिणाम भुगतना होगा।”
इजरायल को हर संभव मदद भेजने की प्रतिबद्धता
ट्रंप ने हमास को दी आखिरी चेतावनी देते हुए कहा, “मैं इजरायल को हर संभव मदद भेज रहा हूं। यदि आप मेरी बात नहीं मानते, तो हमास का कोई भी सदस्य सुरक्षित नहीं रहेगा।” उन्होंने गाजा में बंधकों को रोकने के गंभीर परिणामों के बारे में चेतावनी दी और वहां के नागरिकों से यह अपील की कि वे समझदारी से फैसला लें, ताकि उनका भविष्य उज्जवल हो सके।
व्हाइट हाउस की पुष्टि: सीधी बातचीत की दिशा में कदम
व्हाइट हाउस ने हाल ही में पुष्टि की कि अमेरिका के विशेष दूत एडम बोहलर ने हमास से दोहा में सीधी बातचीत की है, जिसका मुख्य उद्देश्य गाजा में अमेरिकी बंधकों की रिहाई था। सूत्रों के मुताबिक, इन वार्ताओं में केवल अमेरिकी नागरिकों की रिहाई पर चर्चा नहीं हुई, बल्कि सभी बंधकों की रिहाई और युद्धविराम के दीर्घकालिक समाधान पर भी विचार किया गया। ट्रंप के बयान के बाद, यह बातचीत एक नए मोड़ पर आ गई है।
युद्धविराम और शांति की दिशा में अमेरिका का समर्थन
अमेरिकी विदेश विभाग ने यह भी बताया कि ट्रंप के मध्य पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ गाजा में युद्धविराम समझौते के पहले चरण को आगे बढ़ाने के लिए वापस लौटेंगे। पिछले साल जनवरी में एक युद्धविराम समझौता हुआ था, जिससे 15 महीने की लड़ाई को रोका गया था और इसके परिणामस्वरूप 33 इजरायली बंधकों सहित 2,000 से अधिक फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया गया था। अब, इसके अगले चरण पर बातचीत चल रही है, जिसमें गाजा के हालात और शांति की दिशा में आगे बढ़ने की योजना बनाई जा रही है।
गाजा में शांति की ओर कदम बढ़ाने की जरूरत
इस बीच, गाजा के नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लगातार आग्रह किया जा रहा है कि शांति की ओर कदम बढ़ाए जाएं और युद्धविराम के लिए सभी पक्षों के बीच समझौता हो। अमेरिका के साथ-साथ अन्य देशों ने भी युद्धविराम और बंधकों की रिहाई के लिए अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया है।
ट्रंप ने हमास को दी आखिरी चेतावनी और गाजा में युद्ध की स्थिति और बंधकों की रिहाई को लेकर एक नए मोड़ को जन्म दिया है, जिसमें आगे की दिशा को लेकर गंभीर और निर्णायक कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
ये भी देखे: अमेरिका के साथ व्यापार ही नहीं किसी भी युद्ध के लिए हम तैयार: चीन का पलटवार