मुख्यमंत्री द्वारा गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में सुरजीत पात्र सैंटर फार एथीकल ए.आई. स्थापित करने का ऐलान
महान लेखक की याद में अवार्ड शुरू किया जाएगा : भगवंत मान
अमृतसर, 15 जनवरी : पंजाब के मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी में अति- आधुनिक सुरजीत पात्र सैंटर फार एथीकल आरटीफिशल इंटेलिजेंस स्थापित करने का ऐलान किया है। यहां प्रसिद्ध कवि को श्रद्धांजलि भेंट करने के लिए करवाए समारोह की अध्यक्षता करते मुख्य मंत्री ने कहा कि यह सैंटर अति- आधुनिक तकनालोजी के साथ लैस होगा। उन्होंने इस अहम कार्य के लिए यूनिवर्सिटी को पूरी सहायता और सहयोग का भरोसा दिया। भगवंत सिंह मान ने इस महान लेखक की याद में अवार्ड शुरू करने का भी ऐलान किया, जिसके साथ उभरते लेखक उत्साहित होंगे।
मुख्य मंत्री ने कहा कि यूनिवर्सिटियों में नियुक्तियां इन वक्कारी संस्थानों में अकादमिकता को उत्साहित करने के एक मात्र उद्देश्य की पूर्ति के लिए की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस एक मात्र एजेंडे का मकसद इन प्रमुख संस्थानों में धड़ेबंदी की जगह शिक्षा को प्रोत्साहन देना यकीनी बनाना है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि महान गुरूओं, संतों और शहीदों ने हमें जबर, ज़ुल्म और अन्याय के विरुद्ध लडऩे का उपदेश दिया है।
डा. सुरजीत पात्र को श्रद्धा के फूल भेंट करते मुख्य मंत्री ने कहा कि धरती मां के इस महान सुपुत्र का देहांत पंजाबी साहित्य के लिए बड़ा और न पूरा होने वाला घाटा है। उन्होंने कहा कि डा. सुरजीत पात्र पंजाबी साहित्य के महान लेखकों में से एक थे और इस मरहूम लेखक के साथ उनकी गहरी सांझ थी, जिन्होंने हमेशा आगे बढऩे का हौसला दिया। भगवंत सिंह मान ने पंजाबी भाषा, साहित्य और सभ्याचार को प्रफुल्लित करने के लिए डा. सुरजीत पात्र के कीमती योगदान को याद किया, जो हमेशा लोगों की याद में बसा रहेगा। मुख्य मंत्री ने कहा कि डा. सुरजीत पात्र पंजाबी के उन प्रसिद्ध लेखकों में से एक थे, जिन्होंने हर पंजाबी की मानसिकता पर गहरा प्रभाव डाला और यह बड़े मान और तसल्ली वाली बात है कि जो काम अंग्रेजी भाषा में प्रसिद्ध लेखक कीट्स ने किया, वह कार्य पंजाबी भाषा में डा. सुरजीत पात्र के हिस्से आया। उन्होंने डा. पात्र को ‘ महान लेखक बताया, जिन्होंने अपनी कलम के द्वारा समाज में सांप्रदायिक सदभावना और भाईचारक सांझ को मजबूत करने के लिए बेमिसाल योगदान डाला। भगवंत सिंह मान ने बिछड़े लेखक के साहित्यक योगदान को याद करते कहा कि वह पंजाबी के प्रसिद्ध साहित्यकार थे, जो अपनी शानदार लिखतों के द्वारा उभरते लेखकों को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।
पंजाबी यूनिवर्सिटी को 350 करोड़ से अधिक के किए हैं फंड अलाट
मुख्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंजाबी भाषा की तरक्की के लिए ठोस प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला को वित्तीय संकट में से निकालने के लिए 350 करोड़ रुपए से अधिक के फंड अलाट किये हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह यकीनी बनाना लाजिमी है कि टीचिंग स्टाफ नौजवानों को शिक्षित करे और पंजाबी भाषा के प्रचार पर पूरा ध्यान दे सके। मुख्य मंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार पंजाबी मातृभाषा को प्रफुल्लित करने के लिए वचनबद्ध है और इस लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जायेगी। भगवंत सिंह मान ने विद्यार्थियों को पंजाबी भाषा अच्छी तरह बोलने और लिखने के लिए प्रेरित किया जिससे वह अपने गौरवमई विरासत से अवगत रह सकें। उन्होंने कहा कि यह हमारे सभी के लिए मान वाली बात है कि हम इस शानदार मां- बोली के झंडाबरदार हैं, जिसमें असंख्य और भरपूर साहित्य रचा गया है।
राज्य का इतिहास कुर्बानियों से भरा पड़ा
मुख्य मंत्री ने कहा कि राज्य का इतिहास शहीदों की महान कुर्बानियों के साथ भरा पड़ा है, जिन्होंने मानवता के लिए निस्वार्थ कुर्बानियां की हैं। उन्होंने कहा कि नौजवानों को इन शहीदों से प्रेरणा ले कर निस्वार्थ जजबे के साथ देश की सेवा करनी चाहिए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब वह पवित्र धरती है, जहां सभी धर्मों, भाषाओंं और समाज के वर्गों के लोग शांति और सदभावना के साथ रहते हैं। मुख्य मंत्री ने माघ के पहले दिन के पवित्र दिवस पर लोगों को शुभ कामनाएं भी दीं और कहा कि यह पवित्र दिवस हर साल 40 मुक्तोंं की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने खिदराने की लड़ाई में अपनी जानें कुर्बान कर दीं थीं, जिसको अब श्री मुक्तसर साहिब के नाम के साथ जाना जाता है।
मुख्यमंत्री द्वारा गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में सुरजीत पात्र सैंटर फार एथीकल ए.आई. स्थापित करने का ऐलान
महान लेखक की याद में अवार्ड शुरू किया जाएगा : भगवंत मान
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