शंभू बार्डर पर एक किसान ने निगला जहर हुई मौत
– खनौरी बार्डर पर गीजर फटने से एक किसान झुलसा
चंडीगढ़, 10 जनवरी : शंभू और खनौरी बार्डरों पर आज का दिन किसानो के लिए बेहद बुरा रहा। शंभू बार्डर पर एक किसान रेशम सिंह मोदी सरकार से तंग हो कर सलफास खाकर खुदकुशी कर ली। दूसरी तरफ खनौरी बार्डर पर किसान गुरदयाल सिंह पुत्र सुलखण सिंह समाना निवासी गीजर फटने के कारण बुरी तरह झुलस गया, जिसको राजपुरा में उपचाराधीन रखा गया है।
किसान मजदूर मोर्चा के किसान नेता सरवन सिंह पंधेर, बलवंत सिंह बहरामके ने जानकारी देते बताया कि संभू बार्डर और किसान आंदोलन चलते 330 दिन बीत चुके हैं इस आंदोलन दौरान एनडीए की केंद्र सरकार के देश के प्रधानमंत्री के किसानों की मांगें ना माने जाने से दुख के तौर पर इस किसान नेसलफास खाकर खुदकुशी की है। इस किसान को पहले राजपुरा लेकर जाया गया, उसके बाद राजिंदरा अस्पताल पटियाला में लेकर जाया गया, जहां इलाज दौरान दम तोड़ दिया।
किसान के शरीर को देर शाम खबर लिखे जाने तक राजिन्दरा अस्पताल में ही रखा हुआ था। किसानों ने रोष के तौर पर किसान का संस्कार न करने का ऐलान किया है। सरवन सिंह पंधेर, बहरामके ने कहा कि इस किसान के परिवार को तुरंत 25 लाख रुपए मुआवजा, एक सरकारी नौरकी दी जाए और जो किसान से खुदकुशी नोट मिला है, उसके अंतर्गत मोदी सरकार पर पर्चा बनता है, वह दर्ज किया जाए। देर शाम तक पटियाला में अधिकारियों के साथ मीटिंगों का दौर जारी था, जिसका अभी तक कोई हल न निकला। यह किसान रेशम सिंह पिता जगतार सिंह, गांव पहू विंड जिला तरतारन, आयु 55 साल जिला तरनतारन है जो कि किसान मजदूर संघर्श कमेटी पंजाब का नेता है।
शंभू बार्डर पर एक किसान ने निगला जहर हुई मौत
खनौरी बार्डर पर गीजर फटने से एक किसान झुलसा
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