पंजाबी यूनिवर्सिटी में इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस का 83वां सैशन शुरू

इतिहास की निष्पक्ष और सही पहचान करने की जिम्मेदारी इतिहासकारों के कंधों पर : हरजोत ङ्क्षसह बैंस

by TheUnmuteHindi
पंजाबी यूनिवर्सिटी में इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस का 83वां सैशन शुरू

पंजाबी यूनिवर्सिटी में इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस का 83वां सैशन शुरू
– इतिहास की निष्पक्ष और सही पहचान करने की जिम्मेदारी इतिहासकारों के कंधों पर : हरजोत ङ्क्षसह बैंस
– इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस इतिहास को निरपक्षता के साथ समझने वाला वकारी मंच : प्रो. नरिंदर कौर मुल्तानी
पटियाला : इतिहास की निष्पक्ष हो कर सही की पहचान करने की जरूरत पर जोर देते हुए पंजाब के उच्च शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि इतिहास को बिना किसी पक्षपात और दबाव से समझने की जिम्मेदारी इतिहासकारों के कंधों पर है और उनको यह कार्य बहुत ही संजीदगी और समर्पण की भावना साथ निभाना चाहिए।
आज पंजाबी यूनिवर्सिटी में शुरू हुए ’ इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस’ के 83वें सैशन के उद्घाटनी समारोह मौके देश विदेश से पहुँचे डेलिगेट्स को संबोधन करते हुए स. बैंस ने दुनिया के इतिहास में सिख कौम और पंजाबियों की तरफ से डाले महान योगदान बारे विशेष तौर अपने विचार प्रकट किए। उन्होंने कहा कि पंजाब एक मुकद्दस धरती है और इसका बहुत ही माणमत्ता इतिहास रहा है। उन्होंने नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर साहिब, माता गुजरी जी, छोटे साहिबजादे और सिख इतिहास के साथ जुड़ी बहुत ही शहादतों बारे बात करते उन्होंने कहा कि पंजाब हमेशा न बराबरी अति अन्याय के विरुद्ध लडऩे वाला राज्य रहा है। उन्होंने महराजा रणजीत सिंह के राज समय के कुशल प्रबंध से लेकर आजादी की लड़ाई में पंजाबियों के बड़े योगदान तक के सफर बारे अलग- अलग मिसालें पेश करते कहा कि हमें अपने इतिहास पर बेहद गर्व है।
इस मौके विशेष मेहमान के तौर पर पहुंचे जलालाबाद हलके विधायक श्री जगदीप कम्बोज गोलडी ने कहा कि पंजाब ने इतिहास में बहुत कुछ खोया है जिस बारे विशेष जांच पड़ताल की जरूरत है। विधायक श्री गुरलाल घनौर ने कहा कि पंजाब ने सिर्फ आजादी की लड़ाई में ही योगदान नहीं डाला बल्कि इस आजादी को बरकरार रखने के लिए लड़े जाते घोलों में भी पंजाब का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने पंजाब के खेल इतिहास के हवाले के साथ भी अपनी बात रखी। उन्होंने इस मौके बोलते इतिहासकारों की इस पक्ष से प्रशंसा की कि वह इतिहास को संभालने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास को संभालना बहुत जरूरी है, जिससे आने वाली पीढिय़ां इससे सेध ले सकें। इससे पहले डीन अकादमिक मामले प्रो. नरिन्दर कौर मुलतानी ने अपने स्वागती शब्दों दौरान इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस के लम्बे इतिहास की बात की और इस कांग्रेस की लगातारता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस इतिहास को निरपक्षता के साथ समझने वाला वक्कारी मंच है। उन्होंने कहा कि पंजाबी यूनिवर्सिटी के लिए यह गर्व की बात है कि यह इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस का सैशन चौथी बार आयोजित करवा रही है।
धन्यवादी शब्द बोलते रजिस्ट्रार प्रो. संजीव पुरी ने कहा कि हर विषय का अपना एक अलग इतिहास होता है। उन्होंने भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में विज्ञान के इतिहास बारे पढ़ाए जाते विषय के हवाले के साथ अपने विचार प्रकट किए। उन्होंने कहा कि इस हिस्ट्री कांग्रेस से इतिहास के विद्यार्थियों और इतिहासकारों को बहुत कुछ सीखने के लिए मिलेगा। इस मौके प्रो. गौतम सेनगुप्ता ( पूर्व डी.जी., ए.एस.आई.) ने जनरल प्रैजीडैंट का पद संभाला। उन्होंने अपने से पहले जनरल प्रैजीडैंट प्रोफैसर आदित्या मुखर्जी ( दिल्ली) की जगह ली गई। उद्घाटनी सैशन का संचालन यूनिवर्सिटी से डायरैक्टर योजना और निरीक्षण प्रो. जसविन्दर सिंह बराड़ ने किया।

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