लखनऊ, 08 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश के दुद्धी विधानसभा से समाजवादी पार्टी के कद्दावर विधायक और आदिवासी समाज के ‘पितामह’ कहे जाने वाले विजय सिंह गोंड का लखनऊ के संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआई) में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनकी मौत की पुष्टि विधानसभा अध्यक्ष अवधनारायण यादव ने की।
लंबे समय से किडनी रोग से जूझ रहे 70 वर्षीय विजय सिंह गोंड की दोनों किडनी खराब होने के कारण उन्हें एसजीपीजीआई में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
आदिवासी राजनीति का स्तंभ
विजय सिंह गोंड आदिवासी समाज की आवाज बुलंद करने वाले अग्रणी नेताओं में शुमार थे। उन्होंने दुद्धी और ओबरा विधानसभा को अनुसूचित जनजाति सीट घोषित कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की।
1979 में वनवासी सेवा आश्रम में मात्र 200 रुपये मासिक मानदेय पर कार्यरत रहते हुए उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। बाद में वे समाजवादी पार्टी से जुड़े और लगातार कई बार विधायक चुने गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई बड़े नेताओं ने शोक संवेदना व्यक्त की है। विधानसभा अध्यक्ष अवधनारायण यादव ने कहा कि विजय सिंह गोंड का निधन आदिवासी समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
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