नई दिल्ली, 25 सितंबर 2026। पैकेज्ड स्नैक्स, इंस्टेंट फूड और दूसरे ultra-processed foods आज की रोजमर्रा की डाइट का हिस्सा बन चुके हैं। अब एक नई स्टडी ने इनके ज्यादा सेवन और लंबे समय की स्वास्थ्य समस्याओं के बीच संबंध को लेकर चर्चा बढ़ा दी है।
स्टडी के अनुसार रोजाना 100 ग्राम अतिरिक्त ultra-processed food का सेवन cardiovascular events के करीब 14 प्रतिशत अधिक जोखिम से जुड़ा पाया गया।
सिर्फ वजन की बात नहीं
शोध में ultra-processed food के अधिक सेवन को कई स्वास्थ्य परिणामों के साथ जोड़ा गया। रिपोर्ट के अनुसार इससे obesity या overweight, metabolic syndrome या diabetes, digestive diseases और कुछ अन्य chronic conditions के जोखिम के साथ भी संबंध पाया गया।
हालांकि इन आंकड़ों को यह समझने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए कि किसी एक व्यक्ति को केवल किसी खास भोजन की वजह से बीमारी होगी। यह एक अध्ययन में पाया गया संबंध है।
Ultra-processed food क्या होता है?
Ultra-processed foods आमतौर पर ऐसे औद्योगिक रूप से तैयार खाद्य पदार्थ होते हैं जिनमें कई ingredients, additives और processing techniques का इस्तेमाल किया जाता है।
इनमें कई packaged snacks, sugary drinks, ready-to-eat foods, processed meats और कुछ commercially prepared baked foods शामिल हो सकते हैं।
विशेषज्ञों की चिंता क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार समस्या केवल यह नहीं है कि भोजन पैकेट में आता है। चिंता इस बात को लेकर भी है कि कई ultra-processed foods बहुत आसानी से और ज्यादा मात्रा में खाए जा सकते हैं।
इनमें अधिक calories, sugar, salt या unhealthy fats हो सकते हैं, जिससे लंबे समय में कुल diet quality प्रभावित हो सकती है।
इसलिए नई स्टडी का मुख्य संदेश किसी एक खाद्य पदार्थ को अचानक पूरी तरह छोड़ना नहीं, बल्कि रोजमर्रा की डाइट में ऐसे foods की मात्रा और frequency पर ध्यान देना है।
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