पंजाब कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ को दी मंजूरी

by Manu
पंजाब कैबिनेट

चंडीगढ़, 06 अगस्त 2026: पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। कैबिनेट ने आज राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने, गवर्नेंस और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार लाने और विकास को बढ़ावा देने के मकसद से कई बड़े फ़ैसले लिए है।

कैबिनेट ने बिना सरकारी मदद वाले प्राइवेट शिक्षण संस्थानों द्वारा फ़ीस में अनुचित और ग़ैर-क़ानूनी बढ़ोतरी को रोकने के लिए ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ़ फ़ीस ऑफ़ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स (संशोधन) बिल-2026’ को मंज़ूरी दी है। इसके अलावा, ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्स्ड ट्रांज़िशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट बिल-2026’, तीन नए डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटीज़ की स्थापना और कई अन्य महत्वपूर्ण नीतिगत पहलों को भी मंज़ूरी दी गई।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि कैबिनेट ने बिना सरकारी मदद वाले प्राइवेट शिक्षण संस्थानों द्वारा फ़ीस में अनुचित और ग़ैर-क़ानूनी बढ़ोतरी को रोकने के लिए ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ़ फ़ीस ऑफ़ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स (संशोधन) बिल-2026’ लाने को मंज़ूरी दी गई है।

इस बिल को लाना इसलिए ज़रूरी हो गया था क्योंकि कुछ बिना सरकारी मदद वाले प्राइवेट शिक्षण संस्थान मनमाने और अनुचित तरीक़े से अपनी सालाना फ़ीस बढ़ा रहे थे, जिससे छात्रों और उनके माता-पिता पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ रहा था। इसलिए, बिना सरकारी मदद वाले प्राइवेट स्कूलों द्वारा फ़ीस में अनुचित बढ़ोतरी को रोकने के लिए ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ़ फ़ीस ऑफ़ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स एक्ट-2016’, ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ़ फ़ीस ऑफ़ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स (संशोधन) एक्ट-2019’ और इस एक्ट के तहत बने नियमों में संशोधन करना ज़रूरी समझा गया।

कैबिनेट ने ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्स्ड ट्रांज़िशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट बिल-2026’ को भी मंज़ूरी दी है, ताकि उन योग्य आउटसोर्स्ड कर्मचारियों को सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर लाया जा सके जिन्होंने लगातार पाँच साल की सेवा पूरी कर ली है या जो सेक्शन 2(1) के तहत सूचीबद्ध संवेदनशील श्रेणियों में तैनात हैं और तीन साल की सेवा पूरी कर चुके हैं।

कॉन्ट्रैक्ट पर लाए जाने वाले कर्मचारियों का वेतन वित्त विभाग द्वारा तय किया जाएगा और यह ‘कोड ऑन वेजेज़-2019’ या न्यूनतम वेतन से संबंधित किसी अन्य लागू क़ानून के तहत निर्धारित न्यूनतम वेतन दर से कम नहीं होगा। यह बिल लागू होने की तारीख से ‘पंजाब एड-हॉक, कॉन्ट्रैक्टुअल, डेली वेज, टेम्पररी, वर्क-चार्ज्ड और आउटसोर्स्ड एम्प्लॉइज वेलफेयर एक्ट, 2016’ को रद्द करता है।

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