पंजाब कैबिनेट ने अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने से संबंधित संशोधन को दी मंजूरी

by Manu
पंजाब कैबिनेट मीटिंग

चंडीगढ़, 03 जुलाई 2026: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में पंजाब कैबिनेट ने ‘पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन (PAPR) रूल्स’ के नियम 31 में संशोधन को मंज़ूरी दे दी है। इससे राज्य भर में योग्य अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।

इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि नियम 31 में संशोधन से उन अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित किया जा सकेगा जहाँ कम से कम 25 प्रतिशत प्लॉट पर पहले ही निर्माण हो चुका है। इसके लिए कॉलोनी के प्रमोटर या रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के ज़रिए आवेदन किया जा सकता है।

संशोधित नियम उन योग्य कॉलोनियों पर भी लागू होंगे जो नोटिफाइड लोकल प्लानिंग एरिया और मास्टर प्लान के तहत तय की गई कृषि भूमि में स्थित हैं, लेकिन यह संशोधन GMADA के रीजनल प्लान के तहत आने वाले प्लॉट पर लागू नहीं होगा। संशोधित नियमों के तहत आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर, 2026 तय की गई है। जिन अनधिकृत कॉलोनियों के आवेदन पिछली नियमितीकरण नीतियों के तहत खारिज कर दिए गए थे, वे भी संशोधित नियमों के तहत आवेदन करने के लिए योग्य होंगी।

पूरे और सही आवेदनों के लिए 30 दिनों के भीतर प्रोविज़नल रेगुलराइज़ेशन सर्टिफिकेट (अस्थायी नियमितीकरण प्रमाण पत्र) जारी किए जाएंगे, जबकि संशोधित नियमों के तहत मिले सभी आवेदनों का निपटारा छह महीने के भीतर कर दिया जाएगा।

रिहायशी और औद्योगिक कॉलोनियों को नियमित करने के लिए, कॉलोनी के कुल क्षेत्रफल पर लागू कलेक्टर रेट के पांच प्रतिशत के बराबर कंपाउंडिंग फ़ीस देनी होगी, जबकि कमर्शियल कॉलोनियों के लिए, लागू कमर्शियल कलेक्टर रेट के 10 प्रतिशत के बराबर कंपाउंडिंग फ़ीस देनी होगी।

प्रोविज़नल रेगुलराइज़ेशन सर्टिफिकेट जारी होने और तय रेगुलराइज़ेशन फ़ीस का भुगतान करने के बाद, अलग-अलग प्लॉट मालिक अपने प्लॉट के लिए रेगुलराइज़ेशन सर्टिफिकेट पाने और मौजूदा बिल्डिंग नियमों के अनुसार मंज़ूरी लेने के योग्य होंगे। प्लॉट मालिक तय रेगुलराइज़ेशन फ़ीस जमा करने के बाद अपने प्लॉट का रजिस्ट्रेशन भी करवा सकेंगे।

रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के ज़रिए जमा किए गए आवेदनों पर RERA के नियम लागू नहीं होंगे। सक्षम अधिकारियों से सभी ज़रूरी मंज़ूरी और ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) लेना और तय समय के भीतर रुके हुए विकास कार्यों को पूरा करना प्रमोटर या रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की ज़िम्मेदारी होगी।

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