सांसद सतनाम सिंह संधू ने पंजाब यूनिवर्सिटी में विद्यार्थी कल्याण के लिए एम पी लैड्स फंड से 50 लाख रुपये देने का ऐलान किया

by Ankush

कैंपस में विद्यार्थियों की आवाजाही और परिवहन, प्लेसमेंट, स्टार्टअप इकोसिस्टम और एआई डीप-टेक सेंटर बैठक के मुख्य विषय रहे

चंडीगढ़ ३ स्तंबर 2026 : राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने आज चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस स्टूडेंट्स काउंसिल (पीयूसीएससी) के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अंकित बिधान से मुलाकात की। इस मौके पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के विद्यार्थी नेता, पूर्व काउंसिल अध्यक्ष गौरव अत्री और गौरव वीर सिंह सोहल समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में विद्यार्थी कल्याण से जुड़े कई मुद्दों और पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में ज़रूरी सुविधाएँ खड़ी करने पर चर्चा हुई। सांसद संधू ने विद्यार्थी कल्याण की योजनाओं और प्राथमिक सुविधाओं के लिए एम .पी .लैड्स फंड से 50 लाख रुपये की ग्रांट देने की घोषणा की। इनमें कैंपस के अंदर विद्यार्थियों की आवाजाही के लिए ई-रिक्शा और ई-कार्ट की व्यवस्था तथा छात्राओं की सुरक्षा को और मज़बूत करना शामिल है।

सतनाम सिंह संधू ने कहा, “यह 50 लाख रुपये की राशि विद्यार्थियों की सुविधाओं में दिखने वाले सुधार के रूप में सामने आनी चाहिए, ताकि कैंपस का अनुभव बेहतर बने। नवनिर्वाचित काउंसिल ज़रूरतों की पहचान कर इस राशि के इस्तेमाल का प्रस्ताव भेजे, जिससे उसे आगे बढ़ाया जा सके और विद्यार्थियों की उम्मीदों पर खरा उतरा जा सके। बैठक के दौरान संधू ने पंजाबी परंपरा के मुताबिक अंकित बिधान को फुलकारी भेंट कर सम्मानित किया और लगातार दूसरी बार पीयूसीएससी का अध्यक्ष पद अपने नाम करने पर एबीवीपी की पूरी टीम को बधाई दी।

उन्होंने कहा, “जनादेश सम्मान है, लेकिन उससे भी बड़ी बात यह है कि यह एक ज़िम्मेदारी है। अब ध्यान चुनाव से हटकर विद्यार्थियों की रोज़मर्रा की दिक्कतों, कैंपस की सुविधाओं और उनके भविष्य के लिए सार्थक अवसर तैयार करने पर होना चाहिए।”
संधू ने कहा कि लगातार दूसरे साल अध्यक्ष पद एबीवीपी के पास रहना विद्यार्थियों के भरोसे की निरंतरता के तौर पर देखा जा सकता है। इस भरोसे को बनाने में गौरव वीर सिंह सोहल की अगुवाई वाली पिछली काउंसिल के काम का भी योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि इस नतीजे को विद्यार्थियों के एक बड़े हिस्से में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विज़न को मिले समर्थन के संकेत के रूप में भी देखा जा सकता है, खास तौर पर युवाओं, नवाचार, उद्यमिता, तकनीक और अवसरों पर इसके ज़ोर को लेकर।

संधू ने कहा कि चुनाव का नतीजा राजनीतिक रूप से जागरूक जेन-ज़ी की प्राथमिकताओं की झलक भी देता है, जिनके लिए रोज़गार, इनोवेशन, स्टार्टअप, तकनीक और भविष्य के अवसर लगातार अहम होते जा रहे हैं। बैठक में पीयू के विद्यार्थियों के लिए करियर और रोज़गार के मौके बढ़ाने पर भी विस्तार से बात हुई। इस दौरान पंजाब यूनिवर्सिटी में बड़े स्तर पर जॉब फेयर लगाने, यूनिवर्सिटी के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मज़बूत करने और एआई व डीप-टेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने जैसे प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
संधू ने कहा कि वे इन पहलों के लिए सहयोग जुटाने को लेकर केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों और संस्थानों के साथ बातचीत करवाएँगे। उन्होंने कहा, “पंजाब यूनिवर्सिटी पंजाब की शान है और यह सिर्फ़ एक उच्च शिक्षा संस्थान नहीं है। यह पंजाब की बौद्धिक, सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक विरासत का केंद्र है।

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