लखनऊ, 05 नवंबर 2026: उत्तर प्रदेश में एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद करीब एक करोड़ 27 लाख ऐसे मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में नहीं है जिनका नाम पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में है और जो सरकारी योजना में लाभार्थी हैं। अब इन लोगों का नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने के लिए चुनाव आयोग एक बार फिर बड़ा अभियान चलाने जा रहा है। चुनाव आयोग का विशेष फोकस युवाओं और महिला मतदाताओं पर रहेगा।
दरअसल यूपी में 55 लाख मतदाता ऐसे हैं जो सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं लेकिन वोटर लिस्ट में नाम नहीं है। 66 लाख वोटर ऐसे हैं जिनका नाम पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में है लेकिन एसआईआर के बाद जारी फाइनल वोटर लिस्ट में नहीं है।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में छूटे पात्र नागरिकों के नाम शामिल कराने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों का सहयोग लिया जाएगा। इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह अभियान अर्हता तिथि 1 जनवरी 2027 के आधार पर होने वाले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 के तहत चलाया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक विधानसभा की मतदाता सूची का पंचायत और नगरीय निकाय की मतदाता सूची से गहनता से मिलान किया जाएगा। इस प्रक्रिया में ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान होगी जिनका नाम विधानसभा की मतदाता सूची में नहीं है लेकिन वे पंचायत या निकाय की सूची में दर्ज हैं। ऐसे लोगों का नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरवाया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित व्यक्ति भारत की किसी भी विधानसभा की मतदाता सूची में पहले से शामिल न हो।
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