पटना, 14 अगस्त 2026: बिहार में लोक सेवाओं का अधिकार के तहत आरटीपीएस पोर्टल पंचायत स्तर पर डिजिटल सेवाओं का भरोसेमंद माध्यम बनता जा रहा है। पंचायती राज विभाग के अनुसार पिछले दो वर्षों में पंचायतों से करीब 37 लाख 87 हजार आवेदन पोर्टल के जरिए मिले जिनमें 36 लाख 91 हजार से अधिक का निपटारा हो चुका है। यह कुल आवेदनों का लगभग 97 प्रतिशत है। विभाग के मुताबिक पंचायतों से हर महीने औसतन करीब 300 आवेदन ऑनलाइन आ रहे हैं जिससे ग्रामीण इलाकों में भी समयबद्ध सेवाओं की पहुंच बढ़ी है।
आवेदन निपटाने में मधुबनी जिले की पंचायतें सबसे आगे हैं। यहां की 386 पंचायतों में दो साल में 3 लाख 15 हजार से अधिक आवेदन आए। इनमें अब तक 3 लाख 10 हजार आवेदनों का निष्पादन हो चुका है। इसके बाद सीवान जिले की पंचायतों में 2 लाख 89 हजार से अधिक आवेदन आए जिनमें से 2 लाख 85 हजार का निपटारा किया गया है। सीतामढ़ी की पंचायतों में 1 लाख 89 हजार से अधिक आवेदन आए। 1 लाख 83 हजार से ज्यादा का निस्तारण हुआ है। सारण में 1 लाख 78 हजार आवेदनों में से 1 लाख 71 हजार और समस्तीपुर में 1 लाख 42 हजार आवेदनों में से 1 लाख 40 हजार का निपटारा हो चुका है।
आरटीपीएस पोर्टल पर नागरिकों को कुल 64 प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। आवेदक अपने लॉग-इन से आवेदन की स्थिति भी ट्रैक कर सकते हैं और प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकते हैं। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म ने सरकारी सेवाओं को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही आवेदन प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर आने वाली शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही प्रमाणपत्र जारी हो सके।
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