नई दिल्ली, 28 सितंबर 2026। डिजिटल क्रिएटर और Finance Educator Ankur Warikoo ने पैसों को लेकर एक ऐसी बात साझा की है जो नौकरी करने वाले लोगों के लिए खास तौर पर दिलचस्प है। उन्होंने बताया कि समान Salary मिलने के बावजूद दो अलग-अलग Jobs में उस पैसे का अनुभव एक जैसा नहीं होता।
Salary सिर्फ बैंक अकाउंट की रकम नहीं
Warikoo ने अपने LinkedIn पोस्ट में बताया कि समय के साथ व्यक्ति पैसे को सिर्फ रकम के रूप में देखना बंद कर देता है। किसी Job से मिलने वाली समान आय का अनुभव कंपनी के Values, Leadership और Workplace Culture के आधार पर अलग हो सकता है।
उनके अनुसार, एक ही Salary वाली दो नौकरियों में से एक व्यक्ति को संतुष्टि दे सकती है, जबकि दूसरी नौकरी तनाव और असंतोष का कारण बन सकती है।
Work Culture भी Salary की Value बदलता है
Warikoo की बात का एक अहम हिस्सा Workplace Culture से जुड़ा है। कंपनी कर्मचारियों के साथ किस तरह व्यवहार करती है, Leadership कैसी है और रोजाना काम का तनाव कितना है—ये सभी चीजें नौकरी से मिलने वाली आय के अनुभव को प्रभावित कर सकती हैं।
यानी सिर्फ CTC या In-Hand Salary देखकर Job का पूरा मूल्य तय नहीं होता।
पैसे के साथ भावनात्मक रिश्ता
Clinical Psychologist Dr Rimpa Sarkar के मुताबिक पैसे के साथ व्यक्ति का रिश्ता केवल आर्थिक नहीं होता। पैसा सुरक्षा, स्वतंत्रता, सफलता, Status या Self-worth जैसी भावनाओं से भी जुड़ सकता है।
उनके अनुसार किसी व्यक्ति के बचपन के अनुभव, परिवार में पैसे को लेकर माहौल और आर्थिक असुरक्षा उसके Money Behaviour को प्रभावित कर सकते हैं।
पैसे को लक्ष्य नहीं, साधन की तरह देखना
विशेषज्ञ की सलाह है कि लोग यह समझने की कोशिश करें कि वे पैसे का इस्तेमाल किन अनुभवों और लक्ष्यों के लिए करना चाहते हैं। इस नजरिए से पैसा सिर्फ बैंक बैलेंस या सामाजिक सफलता का पैमाना न रहकर सुरक्षा, अनुभवों और व्यक्तिगत लक्ष्यों का साधन बन सकता है।
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