वार्षिक साख योजना के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए बैंक मिशन मोड में काम करें – विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह

by Manu
मिहिर कुमार सिंह

पटना, 24 अक्टूबर 2026: विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को पुराना सचिवालय स्थित मुख्य सभाकक्ष में उच्च स्तरीय समिति की तृतीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के समग्र बैंकिंग प्रदर्शन, वार्षिक साख योजना के लक्ष्यों की प्राप्ति, साख जमा अनुपात की वर्तमान स्थिति तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत ऋण प्रवाह की बिंदुवार और गहन समीक्षा की गई।

बैठक की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि बिहार के इतिहास में यह पहली बार है जब विकास आयुक्त द्वारा राज्य में कार्यरत बैंकों के कार्य-प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए 100 अंकों के एक वैज्ञानिक ‘मापन सूचकांक’ को लागू किया गया है। इस नए पारदर्शी सिस्टम में विभिन्न मापदंडों के लिए अंक निर्धारित कर रैंकिंग व स्कोरिंग तय की गई है। इसके साथ ही इस बार राज्य सरकार द्वारा समीक्षा के दायरे को और व्यापक बनाते हुए चार नई महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं को भी इस ऋण निगरानी तंत्र में मजबूती से जोड़ा गया है, जिससे वित्तीय प्रवाह की और अधिक सटीक ट्रैकिंग संभव हो सकेगी।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार की वार्षिक साख योजना का आकार बढ़ाकर ₹4,95,000 करोड़ का विशाल लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह राशि इस वित्तीय वर्ष के लिए राज्य के करीब ₹1,25,000 करोड़ के प्लान बजट से लगभग चार गुना अधिक है, जो राज्य की आर्थिक विकास दर (GSDP) और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन (Job Creation) को एक मजबूत गति प्रदान करेगी।

इस निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध सितंबर तिमाही (30.09.2026 तक) में राज्य ने ₹1,89,343.52 करोड़ (38.25%) की मजबूत उपलब्धि हासिल कर ली है। विकास आयुक्त ने रेखांकित किया कि यह प्रगति पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की इसी छमाही की तुलना में ₹46,228.29 करोड़ अधिक है, जो बिहार में निवेश और आर्थिक गतिविधियों में आई भारी तेजी को प्रमाणित करती है। क्षेत्रवार प्रगति के अंतर्गत एमएसएमई क्षेत्र ने सर्वाधिक उत्साहजनक प्रदर्शन करते हुए ₹1,59,632 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले ₹84,091.21 करोड़ (52.68%) की बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कृषि क्षेत्र में ₹1,57,015 करोड़ के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले ₹43,967.17 करोड़ (28.00%) का ऋण प्रवाह सुनिश्चित किया गया है तथा कुल प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र में ₹3,55,532 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले ₹1,30,619.00 करोड़ (36.74%) का ऋण वितरित किया जा चुका है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत में बिहार ने पहली बार 60.21 प्रतिशत का ऐतिहासिक साख जमा अनुपात हासिल किया था, और यह सकारात्मक गति इस वित्तीय वर्ष में भी बरकरार है। 30 सितंबर 2026 तक राज्य का समग्र CD Ratio 60.17 प्रतिशत पर बना हुआ है। वर्तमान में राज्य में कुल जमा राशि बढ़कर ₹6,49,225 करोड़ तथा कुल बकाया साख ₹3,90,655 करोड़ के नए स्तर पर पहुंच गई है। पिछले वर्ष की तुलना में जमा राशि में ₹33,797 करोड़ तथा साख (ऋण प्रवाह) में ₹20,092 करोड़ की स्वस्थ वृद्धि दर्ज की गई है।

विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत ऋण प्रवाह की समीक्षा करते हुए विकास आयुक्त ने किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पीएम स्वनिधि और पीएम विश्वकर्मा जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक तीव्र बनाने का निर्देश दिया। आंकड़ों के अनुसार, किसान क्रेडिट कार्ड के तहत कुल 7,37,906 खातों के माध्यम से किसानों को ₹8,344.70 करोड़ का ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिसमें 7,12,383 खातों का नवीनीकरण शामिल है। इसके अतिरिक्त पशुपालन के क्षेत्र में ₹605.01 करोड़ तथा मत्स्य पालन में ₹11.12 करोड़ का ऋण दिया गया है।

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में राज्य में कुल 13,911 आवेदन स्वीकृत कर ₹28,451.21 लाख की राशि को गति दी गई है। वहीं रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों के लिए पीएम स्वनिधि योजना के तहत कुल 2,17,731 आवेदन स्वीकृत कर ₹2,09,959 लाख का ऋण वितरित किया जा चुका है। पीएम सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना व विश्वकर्मा योजना के माध्यम से क्रमशः 2,748 उद्योगों और 28,625 से अधिक शिल्पकारों को वित्तीय मुख्यधारा से जोड़ा गया है।

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