वाराणसी, 14 अक्टूबर 2026: यूपी के वाराणसी जिले में आयोजित शिक्षक-स्नातक सम्मेलन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और उनके पीडीए फॉर्मूले पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि समाजवादियों से मैं पूछना चाहता हूं ये लोग जो पीडीए चिल्लाते थे राज्यसभा टिकट में वो पीडीए कहां चला गया। हम तो पहले दिन से कह रहे थे समाजवादी पार्टी के पीडीए का मतलब परिवार डेवलेपमेंट अथॉरिटी या बहुत होगा तो पराया धन अपना।
सीएम योगी ने कहा कि आपने दोनों चीजें देखी हैं। उन्होंने दो प्रत्याशी बनाए। एक अपने चचाजान को उम्मीदवार बनाया। अरे काशी के ही किसी यादव को बना देते या गाजीपुर-बलिया से बना देते। दूसरी सीट पर किसी दलित या किसी को बना देते या अपने खानदानी वोट मुसलमान को ही बना देते। लेकिन नहीं बनाया। वो टिकट उन्होंने मुंबई के धन्नासेठ को बेच दिया। इससे परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी और पराया धन अपना दोनों ही साबित हो गए।
शिक्षक सम्मेलन कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में एक भर्ती आयोग का अध्यक्ष अनिल यादव को बना दिया गया था। वह इसके योग्य ही नहीं थे। उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन में उनकी सरकार में एक व्यक्ति ने टॉप किया था जो हाईस्कूल थर्ड डिवीजन इंटरमीडिएट थर्ड डिवीजन बीए थर्ड डिवीजन था। उसको यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा में टॉप करा दिया था। उस समय कैसी अराजकता थी कैसी गुंडागर्दी थी युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ होता था। दूसरी ओर दंगा उपद्रव माफिया यही सब हावी थे।
मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में युवाओं की दुर्गति होती थी। जब उनकी सरकार में ही गति नहीं थी तो प्रगति कहां से होती। और जब प्रगति नहीं है तो दुर्गति होनी ही थी। उस समय के भर्ती सिंडिकेट में इन्होंने अपने ही खानदान के लोगों को बैठा दिया था। तब अपने ही खानदान के लोगों के माध्यम से भर्ती निकाली जाती थी और फिर चाचा-भतीजा की जोड़ी ने वसूली के लिए निकलती थी। तब सैफई सिंडिकेट के बाहर किसी को भी नौकरी नहीं मिलती थी।
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