चंडीगढ़, 14 अक्टूबर 2026: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि हमारी सरकार नौजवानों को अपने पैरों पर खड़े होने के योग्य बनाने के लिए पंजाब की शिक्षा प्रणाली में बदलाव कर रही है और रोजगार के अवसर पैदा कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमारा मुख्य लक्ष्य नौकरी खोजने वालों को नौकरियां देने वाले बनाना है।
यहां आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी के 14वें कन्वोकेशन समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने सरकारी स्कूलों का कायाकल्प करने के साथ-साथ मेरिट के आधार पर 70,000 सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने आगे कहा कि पिछली सरकारों द्वारा शिक्षा और रोजगार की की गई अनदेखी ने ही नौजवानों को विदेशों में अवसर खोजने के लिए मजबूर किया था।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि चार साल के लगातार प्रयासों ने पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में पहले नंबर पर पहुंचा दिया है और उन्होंने नौजवानों से अपील की कि वे राज्य के सुनहरे भविष्य की नींव शिक्षा और खेलों को बनाएं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भाजपा पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि वे पंजाब को बदनाम करने की बजाय गुजरात से नशों की सप्लाई को रोकें।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज मुझे आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, कपूरथला के 14वें कन्वोकेशन समारोह में विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। डिग्री केवल कागज का टुकड़ा नहीं है, यह एक ऐसा सर्टिफिकेट है, जो नौजवानों को उनके सपनों को हकीकत में बदलने के अवसर देता है।
हमारा लक्ष्य पंजाब के नौजवानों को नौकरियां खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरियां देने वाले बनाना है। शिक्षा और खेल पंजाब के सुनहरे भविष्य की कुंजियां हैं। डिग्री प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को दिल से बधाई। मैं उनके सफल भविष्य की कामना करता हूं। इंकलाब जिंदाबाद।”
कन्वोकेशन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जो लोग नशे की समस्या को लेकर पंजाब को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें पहले इस समस्या से निपटने में अपनी नाकामी के लिए जवाबदेह होना चाहिए। मैं भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को चुनौती देता हूं कि वह स्पष्ट करे कि केंद्र और गुजरात दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद गुजरात और देश के अन्य हिस्सों की बंदरगाहों के रास्ते नशों की सप्लाई कैसे जारी रही।
पंजाब किसी को यह इजाजत नहीं देगा कि नशा तस्करी की समस्या के राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य को अनदेखा करके निशाना बनाकर आलोचना और राजनीतिक प्रचार के माध्यम से छवि खराब की जाए। जो लोग अपने राज्यों में इस समस्या से प्रभावशाली ढंग से निपटने में असफल रहे, उन्हें पंजाब की ओर उंगली उठाने से पहले अपना रिकॉर्ड देखना चाहिए।”
ये भी देखे: हरजिंदर सिंह धामी पंजाब पुलिस के साथ सहयोग करने के बजाय सीबीआई जांच की मांग क्यों कर रहे हैं? – बलतेज पन्नू