पटना, 06 अक्टूबर 2026: बिहार में आगामी दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व-2026 के मद्देनजर आज मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत एवं पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इस महत्वपूर्ण बैठक में गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, महानिदेशक (अभियान एवं विशेष शाखा) कुंदन कृष्णन तथा अपर पुलिस महानिदेशक (विधि व्यवस्था) के. सुहिता अनुपम भी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण दी, जिसमें पर्व अवधि (11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026) के दौरान राज्य के सभी 40 जिलों (38 प्रशासनिक एवं 2 पुलिस जिलों) हेतु विशेष प्रशासनिक व सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए गए. पंकज कुमार ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, “यह त्योहारों के सीजन की शुरुआत है, इसलिए कानून-व्यवस्था की निगरानी करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि शुरुआत बेहतर और शांतिपूर्ण होगी, तो आगे के सभी त्योहार भी शांति और सुरक्षा के साथ संपन्न होंगे।”
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने निर्देश दिया कि दुर्गा पूजा एक बड़ा त्योहार है, इसलिए इसे पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि महिला एवं बाल सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को किसी भी सूरत में बख्शा या माफ नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने पूरे राज्य में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने का कड़ा निर्देश दिया.
पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा ने पुलिस की दृश्यता बढ़ाने पर जोर देते हुए सभी पुलिस अधीक्षकों को उपलब्ध संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग करने और रणनीतिक व प्रमुख संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि शांति समितियों की बैठकों में हर उम्र के लोगों को शामिल किया जाए. उन्होंने सभी स्तरों पर पुलिस कर्मियों की व्यापक ब्रीफिंग सुनिश्चित करने, जिला अग्निशमन अधिकारियों द्वारा बड़े पूजा पंडालों का अनिवार्य फायर ऑडिट कराने तथा सोशल मीडिया की कड़ी निगरानी करने के निर्देश दिए. महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में रहेगी।
महानिदेशक (अभियान एवं विशेष शाखा) कुंदन कृष्णन ने मूर्ति विसर्जन और विसर्जन जुलूसों की सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी जाए, शांति समितियों से लगातार संवाद हो और जिला नियंत्रण कक्षों का समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जाए. सभी अधिकारी व जवान अपने ड्यूटी स्थलों पर सजगता से मुस्तैद रहें।
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