चंडीगढ़, 03 अक्टूबर 2026: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार से अपील की है कि धान की आवक शुरू होने से पहले राज्य से अनाज का स्टॉक तुरंत खाली किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सुचारू खरीद सुनिश्चित करने और मंडियों में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाने के लिए भंडारण के लिए पर्याप्त जगह सुनिश्चित करना जरूरी है।
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने 10 अक्टूबर तक 6 लाख मीट्रिक टन चावल और अक्टूबर महीने के दौरान 15 लाख मीट्रिक टन गेहूं की तत्काल लिफ्टिंग की मांग की है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि लगभग 40 लाख मीट्रिक टन गेहूं का स्टॉक राइस मिलों और मंडियों के फड़ों (यार्डों) में जगह घेरे हुए है, जिसमें से लगभग 17 लाख मीट्रिक टन अभी भी वहीं पड़ा हुआ है। उन्होंने जोर दिया कि नए आने वाले धान के लिए पर्याप्त जगह बनाने हेतु इस स्टॉक को खाली करना जरूरी है, ताकि किसान मंडियों में अपनी फसल बिना किसी भंडारण समस्या के ला सकें।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी को लिखे पत्र में याद दिलाया कि पंजाब ने सितंबर 2026 के दौरान खरीफ मंडीकरण सीजन 2025-26 के चावल की डिलीवरी प्रक्रिया पूरी करने और खरीफ मंडीकरण सीजन 2026-27 शुरू होने से पहले राइस मिलों तथा मंडी यार्डों में भंडारित गेहूं को खाली करने के लिए 15 लाख मीट्रिक टन चावल और 10 से 12 लाख मीट्रिक टन गेहूं उठाने का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री ने कहा, “हालांकि, 1 से 29 सितंबर 2026 तक राज्य से केवल 8.3 लाख मीट्रिक टन चावल और 4.3 लाख मीट्रिक टन गेहूं ही बाहर भेजा गया है।”
उन्होंने आगे बताया, “इस संबंध में यह बताया जाता है कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास लगातार भंडारण की कमी के कारण खरीफ मंडीकरण सीजन 2025-26 के निर्धारित 105.64 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले आज (29 सितंबर, 2026) तक केवल 99.50 लाख मीट्रिक टन (94 प्रतिशत) कस्टम मिल्ड राइस ही डिलीवर किया जा सका है और लगभग 6 लाख मीट्रिक टन चावल अभी भी डिलीवर होना बाकी है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस खरीफ मंडीकरण सीजन (केएमएस) की शुरुआत कल यानी 1 अक्टूबर 2026 से होने जा रही है और 10 अक्टूबर 2026 के आसपास धान की आवक चरम पर पहुंचने की संभावना है। ऐसे में इस खरीफ सीजन के दौरान लंबित धान के स्टॉक को खाली करने तथा स्टॉक के हिसाब-किताब और धान/चावल की रीसाइक्लिंग से पैदा होने वाली जटिलताओं से बचने के लिए एफसीआई द्वारा सभी लंबित चावल की डिलीवरी तुरंत पूरी किया जाना बेहद महत्वपूर्ण है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “मिलिंग में हो रही देरी के कारण शेलर मालिकों में पहले ही बेचैनी है। यदि चावल की डिलीवरी मध्य अक्टूबर के बाद तक लंबित रहती है, तो राइस मिलर धान के भंडारण और मिलिंग के लिए आगे नहीं आएंगे। ऐसी स्थिति अन्य हितधारकों, खासकर किसानों में भी बेचैनी का कारण बन सकती है।”
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