मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने ‘बिल लाओ इनाम पाओ’ योजना में तिमाही बंपर इनाम शामिल करने का फैसला किया है। इस पहल का उद्देश्य उपभोक्ताओं को खरीदारी के बाद बिल लेने के लिए प्रोत्साहित करना, टैक्स अनुपालन बढ़ाना और बिना बिल के होने वाले कारोबार तथा टैक्स चोरी पर रोक लगाना है।
योजना के तहत नागरिकों को खरीदारी के बिल अपलोड करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इससे उपभोक्ताओं की भागीदारी बढ़ती है और व्यापारिक लेन-देन को औपचारिक टैक्स प्रणाली के दायरे में लाने में मदद मिलती है। सरकार का मानना है कि अधिक लोगों द्वारा बिल लेने और अपलोड करने से टैक्स प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ती है और कर संग्रह की निगरानी अधिक प्रभावी होती है।
पंजाब सरकार ने टैक्स प्रशासन में डिजिटल तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया है। टैक्स विभाग के अनुसार, इंटेलिजेंस इनपुट, डेटा एनालिसिस और जांच अभियानों के माध्यम से फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी के मामलों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।
डिजिटल निगरानी का उद्देश्य ऐसे मामलों का पता लगाना है, जहां कर नियमों का पालन नहीं किया जा रहा हो। इसके साथ ही ईमानदारी से कर भुगतान करने वाले व्यापारियों के लिए समान प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के अनुसार, राज्य के जीएसटी राजस्व में वृद्धि दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी बेहतर टैक्स अनुपालन, आर्थिक गतिविधियों में सुधार और कर कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है।
‘बिल लाओ इनाम पाओ’ योजना के साथ ‘मेरा बिल’ ऐप जैसी डिजिटल सेवाओं को भी जोड़ा गया है। ऐप और अन्य ऑनलाइन सुविधाओं के माध्यम से नागरिक आसानी से अपने बिल अपलोड कर सकते हैं।
सरकार का मानना है कि जब उपभोक्ता नियमित रूप से बिल मांगते हैं और डिजिटल माध्यम से उसे दर्ज करते हैं, तो टैक्स चोरी की संभावनाएं कम होती हैं और कारोबार का बड़ा हिस्सा औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनता है।