पटियाला 12 अगस्त 2026: पंजाब के वरिष्ठतम आई.ए.एस. अधिकारी एवं महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के डायरेक्टर जनरल अनिरुद्ध तिवारी ने कहा कि बच्चों द्वारा ईमानदारी से की गई कड़ी मेहनत का इस संसार में कोई विकल्प नहीं है। कड़ी मेहनत करने वाले बच्चे अपने जीवन के लक्ष्यों को हासिल करके रहते हैं।
अनिरुद्ध तिवारी आज यहां शीला अलीपुरिया चैरिटेबल सोसायटी के अध्यक्ष अजय अलीपुरिया के नेतृत्व में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। यह सोसायटी जरूरतमंद बच्चों को पूरी तरह निःशुल्क उच्च शिक्षा प्रदान करती है और इस समय सोसायटी के माध्यम से करीब 35 बच्चे सी.ए. की पढ़ाई कर रहे हैं।
अनिरुद्ध तिवारी ने कहा कि संसार में आगे बढ़ने के लिए सबसे पहले अच्छा इंसान बनना बेहद जरूरी है। अच्छा इंसान बनने के लिए ईमानदारी के साथ बेसिक वैल्यू सिस्टम को अपनाना जरूरी है। अच्छा इंसान दुनिया के किसी भी पद पर पहुंचकर अपने गुणों की खुशबू बांटता है।
उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि वैल्यू सिस्टम को अपनाना हमारी मूलभूत जरूरत है। सीखने के लिए विनम्रता लानी होगी और अहंकार को छोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि एहसान फरामोश व्यक्ति सबसे खराब होता है। दुनिया में कोई भी इंसान कर्ज तो चुका सकता है, लेकिन एहसान नहीं चुका सकता। इसी तरह जो बच्चे धन्यवाद करने की कला सीख जाते हैं, वे भी जीवन में सफल होते हैं।
अनिरुद्ध तिवारी ने कहा कि फलदार पेड़ हमेशा झुका हुआ होता है। यदि हम झुकना सीख जाएंगे तो जिंदगी में दूसरों को कुछ देना भी सीख जाएंगे। जीवन में मुश्किल समय आने पर कभी घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि जिंदगी में बहुत सी कठिनाइयां आती हैं, लेकिन उसे सफल बनाने के लिए हिम्मत बेहद जरूरी है.
उन्होंने अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव की बातें बच्चों के साथ साझा करते हुए कहा कि असफलता से कभी नहीं घबराना चाहिए। यदि कोई बच्चा ईमानदारी से कड़ी मेहनत करने लगे तो जिंदगी में सफलता हासिल की जा सकती है।
अनिरुद्ध तिवारी ने कहा कि जिंदगी में सफल होने के लिए लक्ष्य स्पष्ट होना जरूरी है। समय का हर मिनट कीमती है, इसलिए सोशल मीडिया पर रीलें देखने में समय बिताने वाले बच्चे अक्सर पीछे रह जाते हैं।
उन्होंने कहा कि आज भी जो बच्चे आई.ए.एस. बनते हैं, उनमें से बहुत से सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखते हैं। इसलिए अच्छी किताबें पढ़ना और किताबों से सीखना किसी भी व्यक्ति के जीवन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने बच्चों से कहा कि समय बर्बाद करना बंद करें, क्योंकि बीता हुआ समय कभी वापस नहीं आता। उन्होंने कहा कि जिंदगी की हर छोटी-बड़ी समस्या का समाधान कड़ी मेहनत और उच्च शिक्षा के माध्यम से किया जा सकता है। शिक्षा हर छोटी-बड़ी समस्या का समाधान करते हुए जिंदगी को सफल बना देती है।
उन्होंने बच्चों को कहा कि जब वे पढ़-लिखकर डिग्रियां हासिल कर सफल होंगे, तब उन्हें यह महसूस होगा कि शिक्षा व्यक्ति को न केवल सफल बनाती है बल्कि उसे एक अच्छा इंसान भी बनाती है।
हर इंसान अपनी जिंदगी में एक बच्चे को पूरी शिक्षा दिलाने का प्रबंध करे : अजय अलीपुरिया
इस मौके पर सोसायटी के अध्यक्ष अजय अलीपुरिया ने कहा कि यदि हम जिंदगी में किसी एक जरूरतमंद परिवार के बच्चे को पूरी शिक्षा दिला दें तो उसकी आने वाली कई पीढ़ियां संवर सकती हैं।
उन्होंने विशेष रूप से कार्यक्रम में पहुंचे पंजाब के वरिष्ठ आई.ए.एस. अधिकारी अनिरुद्ध तिवारी का धन्यवाद किया। उन्होंने नॉर्थ इंडिया के बेहतरीन सेंटर जी.के. इंस्टीट्यूट और उसके एम.डी. गितेश सिंगला का भी धन्यवाद किया, जो बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने में बड़ा योगदान दे रहे हैं।
अजय अलीपुरिया ने कहा कि हर इंसान को जिंदगी में कम से कम एक बच्चे को पूरी शिक्षा दिलाने का प्रबंध करना चाहिए और शीला अलीपुरिया एजुकेशन चैरिटेबल सोसायटी का मुख्य लक्ष्य जरूरतमंद बच्चों को ‘कम्प्लीट एजुकेशन’ देना है।
उन्होंने कहा कि जिन बच्चों ने हाल ही में सी.ए. की परीक्षाओं में शानदार स्थान हासिल किए हैं, वे बेहद जरूरतमंद परिवारों से संबंध रखते हैं। इन बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान करके उन्हें जीवन में ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।
बच्चों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि जिंदगी में सफल होना है तो फोन और इंटरनेट जैसी आदतों से दूरी बनाकर 12वीं के बाद के 5-6 साल पूरी तरह मेहनत को समर्पित कर दें। यह मेहनत उनकी जिंदगी को बदल सकती है।
उन्होंने कहा कि जो बच्चे अपने मार्गदर्शकों और माता-पिता की बातों को सकारात्मक रूप से लेते हैं, वे जीवन में पूरी तरह सफल होते हैं। हर बच्चे के लिए किताबें पढ़ना बेहद जरूरी है। जो बच्चे जिंदगी की अच्छाइयों को समझ लेते हैं, वे बुराइयों को त्यागकर सफलता की ओर आगे बढ़ते हैं।
इस मौके पर विशेष रूप से मैडम अनुराधा अलीपुरिया, डॉ. गुरप्रीत सिद्धू (सीनियर हार्ट सर्जन), अभिषेक गुप्ता, सी.ए. गितेश, संजय सिंगला (सोशल वर्कर), राजीव सिंगला, डॉक्टर बृजेश मोदी, श्री रमेश कुमार समाना, दिवांशु सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।