Bihar: मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने किया वाचनालय का उद्घाटन, कहा- संग्रहालयों को अध्ययन और शोध का केंद्र बनाएं

by Manu
वाचनालय का उद्घाटन

पटना, 12 अगस्त 2026: भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर का जीवन सामाजिक न्याय, समानता और जनसेवा के मूल्यों को समर्पित रहा। उनके जीवन और विचारों से जुड़ा कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का केंद्र रहा है।

अब यहां शुरू हुए वाचनालय से विद्यार्थी और शोधार्थी कर्पूरी ठाकुर के जीवन, विचारों के साथ बिहार के सामाजिक और राजनीतिक इतिहास को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। यह बातें कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने मंगलवार को पटना में 01 देशरत्न मार्ग स्थित भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय में वाचनालय (रीडिंग रूम) के उद्घाटन के दौरान कही।

मंत्री ने कहा कि कला एवं संस्कृति विभाग का प्रयास है कि राज्य के संग्रहालयों को केवल देखने की जगह तक सीमित न रखा जाए। बल्कि, उन्हें ज्ञान, अध्ययन और शोध के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय में वाचनालय की शुरुआत इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू हुआ वाचनालय

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद 18 अप्रैल 2026 को इस संग्रहालय का भ्रमण किया था। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए बेहतर अध्ययन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाचनालय स्थापित करने का निर्देश दिया था। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद संग्रहालय में वाचनालय तैयार किया गया, जिसका विभागीय मंत्री के द्वारा मंगलवार को उद्घाटन किया गया।

संग्रहालय में संरक्षित वस्तुओं का किया अवलोकन

उद्घाटन से पहले मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने संग्रहालय परिसर में कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने संग्रहालय की विभिन्न दीर्घाओं का भ्रमण किया। उन्होंने कर्पूरी ठाकुर के व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुओं जैसे वस्त्र, चश्मा और अन्य सामान को देखा। साथ ही उनके कक्षों का निरीक्षण कर उनसे जुड़ी स्मृतियों की जानकारी ली।

युवाओं से बातचीत कर सुविधाओं की ली जानकारी

वाचनालय में अध्ययन कर रहे युवाओं और विद्यार्थियों से मंत्री ने बातचीत की। उन्होंने उनकी पढ़ाई, रुचियों और वाचनालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। मंत्री ने युवाओं से इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि वाचनालय में विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए अध्ययन की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे संग्रहालय में आने वाले लोगों को बिहार के इतिहास, कला, संस्कृति और सामाजिक विरासत से जुड़े विषयों को पढ़ने और समझने का अवसर मिलेगा।

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